मध्य प्रदेशरीवा दर्पण

अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की गुंडागर्दी अब और नहीं

आज कलेक्टर इलैयाराजाराजा टी के सामने उठेगा मुद्दा

रीवा। तानाशाह और बेलगाम सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ जनाक्रोश अब और तेज होता जा रहा है। जेपी एसोसिएट्स ने जिस अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को बेला प्लांट बेचा है, वही कंपनी जन समुदाय के लिए नासूर से गंभीर समस्या बन गई है। बैजनाथ बेला से टीआरडी गेट यानी एजुकेशन हब तक पहुंचने वाली छः किलोमीटर वाली सड़क को 32 साल बाद अवरुद्ध करने का काम किया गया है। सड़क पर खाई का निर्माण कराते हुए बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड गुंडागर्दी पर उतारू है। पच्चीस गांवों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सड़क अवरुद्ध कर सबसे बड़ी समस्या निर्मित कर दी है।

मंगलवार को कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष और युवा नेता प्रदीप त्रिपाठी के साथ सैकड़ों ग्रामीण कलेक्टर इलैयाराजाराजा टी से मुलाकात करते हुए बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रबंधन की गुंडागर्दी से परस्पर अवगत कराएगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि डंके की चोट पर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सालों पुरानी आरसीसी सड़क को बंद कर हजारों लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। जहां पहले स्कूली बच्चों सहित नौकरीपेशा लोगों का समूह छः किलोमीटर की यात्रा कर आराम से आवाजाही करते थे वहीं पिछले चार महीने से हजारों लोगों को 22 किलोमीटर की परिक्रमा करनी पड़ती है। हजारों लोगों को एक झटके में परेशानी सौगात में दे दी गई है।
जेपी एसोसिएट्स जब तक बेला प्लांट में काबिज रहा तब तक पच्चीस गांवों की जनता के लिए छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क बहुत बड़ा वरदान रही, आर्थिक कमजोरी से ग्रसित जेपी एसोसिएट्स को अपना प्लांट बेचना पड़ा। सीमेंट उद्योग की दुनिया में खलबली मचाने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने बेला प्लांट को तकरीबन तीन साल पहले खरीद लिया। सीमेंट प्लांट हैंड ओवर होने के साथ ही अफसरशाही का चाबुक कर्मचारियों के लिए पीड़ादायक हो गया। सीमेंट प्लांट में काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों को जबरिया बीआर एस दिलाने का काम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का बेलगाम प्रबंधन कर रहा है। मंगलवार को आयोजित होने वाली जन सुनवाई में सेमरिया विधानसभा क्षेत्र की परेशान जनता कलेक्टर के दरवाजे पर दस्तक देगी और बताया जाएगा कि आखिर किस तरह से हिटलरशाही आदेश लागू करते हुए पच्चीस गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
जेपी के बेला सीमेंट प्लांट को खरीदने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सरासर गुंडागर्दी करते हुए अति महत्वपूर्ण छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। जबकि पिछले 32 सालों से गांव वालों के लिए जेपी एसोसिएट्स ने यह सौगात सौंप रखी थी।

एक ने एजुकेशन हब बसाया तो दूसरे ने छीनी सुविधा

बेला और जेपी सीमेंट प्लांट से लगे तीन दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को बेवजह परेशान करने के लिए अति महत्वपूर्ण आरसीसी सड़क को बंद करने का हिटलरशाही फैसला अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रबंधन ने किया है। जेपी एसोसिएट्स की माली हालत खराब होने के कारण ही अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड जैसे संस्थानों को विंध्य क्षेत्र में पैर जमाने का सौभाग्य मिला है। हजारों ग्रामीणों के लिए स्वयं जेपी एसोसिएट्स ने बैजनाथ बेला से टीआरडी गेट तक आरसीसी सड़क का निर्माण कराया था। जेपी एसोसिएट्स ने ही 100 एकड़ जमीन पर एजुकेशन हब बसाने का सबसे बड़ा सामाजिक कार्य किया है। इस एजुकेशन हब में पालीटेक्निक कालेज, जेपी आईटीआई, जेपी बीएड कालेज, सरदार पटेल स्कूल, जय ज्योति सीनियर, आईटीआई ट्रेनिंग सेंटर, टेक्नीकल ट्रेनिंग सेंटर सहित बीस अन्य प्राईवेट स्कूलों का संचालन होता है। जेपी एसोसिएट्स ने 25 गांवों को गोद लेकर वहां पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया है। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को समाजसेवा जैसे कार्यों से कोई मतलब नहीं है। पच्चीस गांवों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए जेपी एसोसिएट्स की सौगात एजुकेशन हब को कोई नहीं भूला सकता है। बेला सीमेंट प्लांट बिकने के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने हजारों लोगों के बेवजह परेशान करने के लिए छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क को जानबूझकर बंद करवा दिया है। इस छः किलोमीटर की सड़क को बंद करने के पीछे बेलगाम फैक्ट्री प्रबंधन ने माइंस का हवाला दिया है। जबकि यह जिला प्रशासन भी जानता है कि भोलगढ, बैजनाथ, महिदल, खमहरिया, सोनरा, हिनौती, नरौरा, मधेपुर, छिजवार सहित अन्य गांवों से लगी 474 हेक्टेयर जमीन की लीज जेपी एसोसिएट्स को बहुत पहले ही आवंटित की गई थी। इसके बाद भी जेपी सीमेंट ने हजारों ग्रामीणों को स्वयं आरसीसी सड़क वाली सौगात जिम्मेदारी के साथ सौंपी थी। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की गुंडागर्दी को अब ग्रामीण बर्दाश्त नहीं करेंगे, कांग्रेस नेता प्रदीप त्रिपाठी, अशोक पयासी सहित अन्य हजारों लोगों ने अब अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के खिलाफ जंग लडने की घोषणा कर दी है। रीवा कलेक्टर के लिए यह पल भारी कशमकश से परिपूर्ण रहेगा। क्या किसी भी सीमेंट लिमिटेड कंपनी को संविधान में यह पावर है कि वह जनहित जैसी सुविधाओं को बंद करवा सकें।

15 लाख एकड़ जमीन, नौकरी मिलने का सवाल ही नहीं

कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष और जमीनी नेता प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि डंके की चोट पर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड जनहित को कुचलने का काम करते हुए तानाशाही पर उतर आई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर जेपी एसोसिएट्स ने 32 साल पहले छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क सौगात में दी थी। ग्रामीणों के बच्चों को बेहतर तालीम देने के लिए टीआरडी के पास सौ एकड़ जमीन पर एजुकेशन हब विकसित किया गया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का प्रबंधन पच्चीस गांवों में रहने वाली आबादी के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। बेवजह हिटलरशाही करते हुए बैजनाथ बेला से एजुकेशन हब तक जाने वाली छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क को खाई बनाकर बंद करवा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड गरीब किसानों का शोषण करने पर उतारू है। मिट्टी के भाव अर्थात 15 लाख रुपए एकड़ किसानों की जमीन खरीदने का दबाव बनाया जाता है। जहां जेपी एसोसिएट्स ने स्थानीय लोगों को मुआवजा देने के साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी देने का काम किया था, वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड मुट्ठी भर मुआवजा देने के साथ ही नौकरी भी नहीं दे रही है। जेपी एसोसिएट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के बीच लिखित इकरारनामे में 17 किसानों को सीमेंट प्लांट में नौकरी पर रखने की बात जरुर कही गई थी लेकिन तीन साल अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को बेला आए हो चुके हैं और संबंधित किसानों को नौकरी नसीब नहीं हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि रीवा कलेक्टर इलैयाराजा टी से मिलकर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की गुंडागर्दी के बारे में बताते हुए सड़क खुलवाने का विनम्र आग्रह किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page