दहशतगर्दी करते हुए वंशिका ग्रुप करींदों

पिता-पुत्र को सरे राह दौड़ाकर बेरहमी से पीटा
शहडोल। जिले में जब से वंशिका ग्रुप के हाथ रेत खदान आई है, तब से एक के बाद एक नित्य नई घटनाओं का क्रम बना हुआ है कभी फायर करना, स्थानीय को धमकाकर मनमानी करना, शासन के नियमों को ताख में रखकर रेत उत्खनन जिसकी फ़ेहरिस्त बढ़ती जा रही है। जहां इनके कारनामों से क्षेत्र में दहशत व आक्रोश का माहौल निर्मित है
रेत खनन के नाम पर अपराधिक किस्म के करींदों के हौशले बुलंदियों में है, इन करींदों को ना ही पुलिस का खौफ है ना ही कानून का डर हालात यह है कि माफिया के नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग बीच चौराहों पर आम लोगों को बेवजह मार पीट करते नजर आ रहे हैं, पूरी घटना सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हुई है और थानें में आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है खास बात यह है कि ये सभी आरोपी जिले में आवंटित रेत कारोबार से जुडे़ हैं और वंशिका ग्रुप के कारिंदे हैं
जिले में रेत खदानों का काम वंशिका ग्रुप द्वारा लिया गया है, खदानों के आवंटन से ही इस ग्रुप के अवैध उत्खनन से लेकर अपराध से जुड़े कई मामलों में नाम आ चुका है और प्रशासन द्वारा इन पर कारोबारियों पर कार्यवाही भी हुई है, बावजूद इसके इन कारोबारियों की मनमानी थमनें का नाम नहीं ले रही है।
घटना सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हुई
बीते दिनों जिले के बुढ़ार थाना ईलाके के अमलाई चौराहे में वंशिका ग्रुप से जुड़े कुछ लोगों नें देर रात एक बाईक सवार को जमकर पीटा पीड़ित बाईक सवार सरजू बरगाही नें बताया कि उसके पिता कोयला खदान में कर्मचारी है और वह अपनें पिता को रोजाना की तरह काम से लौटने पर लेनें गया था, वहीं चौराहे पर कुछ लोगों नें उसे रोकनें की कोशिश की, जब वह नहीं रुका तो आठ लोग एक टीयूवी कार में आये और उसके और उसके साथी के साथ लाठी – डंडो से मारपीट की, पूरी घटना सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हुई है।
पीड़ितों की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी दीपक तिवारी, महेश शर्मा , गजराज सिंह, हृदय मीणा , उमाशंकर सिंह कुशवाहा, सोनू सेन,रोहित सिंह मीणा और वाहन चालक रमेश यादव के खिलाफ धारा 147, 148, 341, 294, 323, 506 के तहत मामला कायम कर विवेचना में लिया है।
मानसून सत्र में लगे प्रतिबंध के बावजूद
खनन और परिवहन चालू रहा
आपको जानकर हैरानी होगी कि वंशिका ग्रुप के द्वारा शासन के सभी नियमों को ताख रखकर मानसून सत्र में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन चालू था दबे पाँव जारी उत्खनन में करोडों रूपये का कारोबार कर डाला। अक्टूबर आते ही नदियों से रेत तस्कर साहूकारी के लिए कायदे कानून की लिखा पढी और कलम की जगह बेसबाल, लाठी, डंडे ही लेकर कूद पड़े।
ऐसे साहूकार विराट नगरी को कभी कभार ही देखने को मिलते हैं, जो साहूकारी में 50 खदान ले ली पर कायदे कानून गिरवी रख लिए दिन रात खनन और परिवहन। तो शनिवार रविवार को जो हुआ वो तो होना ही था।
सरकार किसी भी दल की हो बिना जनमत संग्रह से नही बनती, जनता के लिए जनता के द्वारा चुना गया प्रतिनिधि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंच निराकरण की दहलीज तक पहुंचाने का काम करता है तभी घंटों धूप, पानी, ठंड में मतदान को जनता बूथ पर लाइन में खड़ी रहती है, तो स्वाभाविक रूप से जन सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों के साथ सरकार की भी है कि किसी भी हाल में आदिवासी अंचल में जनता का अहित नही होना चाहिए।
जलीय जीव जंतुओं की हत्या कर, नदी
का किया सीना छलनी
रेत कारोबारी वंशिका ग्रुप के कर्ताधर्ता मानसून सत्र में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन कर ना जाने कितने जलीय जीव जंतुओं की हत्या कर डाली नदी का सीना छलनी करने के साथ नदियों का मूल स्वरूप बिगाड़ने का काम किया बिना भंडारण क्षमता खनिज विभाग को बतलाएं हजारों बड़े ट्रक गोविंदगढ़, रीवा, सतना, छतरपुर एवं यूपी भेजे गए यहाँ 400% महंगी रेत बेची जा रही थी और अब लोगों (जनता) को सरे रह रास्ता रोककर पीटा जा रहा महज इसलिए की ये गुर्गे किसी भी हाल में आदिवासी बाहुल्य इलाके में अपनी धमक दिखाकर बाहुबली का तमगा हांसिल कर ले।
इन सबके पीछे तथाकथित विपक्षी दल का विधायक भाजपा शासित प्रदेश में रेत खदान का ठेका लेकर नेतृत्व विहीन इलाके में चाँदी काट रहा था अब ज्यादा बोलने विरोध करने वालों की जुबान मारपीट कर बंद कराया जा रहा है।
गुंडागर्दी सीसीटीव्ही पर हुई बेनकाब
थाना बुढार में बीते रविवार वंशिका कॉन्ट्रक्शन ग्रुप के 8 कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया गया, कर्मचारियों की गुंडागर्दी सीसीटीव्ही पर बेनकाब हुई जिसमे रास्ता रोककर पिता पुत्र के साथ लाठी डंडे बेसबॉल से मारपीट की मामले में बुढार थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच और वायरल वीडियो की बाकायदा तफ्तीश के बाद सरजू पिता जनार्दन बरगाही दोनों की शिकायत पर वंशिका ग्रुप रेत ठेकेदारों के 8 लोगो के विरूद्ध 147, 148, 341, 294, 323, 506 के तहत मामला किया तो उधर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे मुरारी एण्ड कंपनी की एक ना चली।
चेतावनी
अब खबरनबीश के माध्यम से थाना प्रभारी बुढार को चेताया भी जा रहा है जिसका वायरल विडियों देखने से स्पष्ट हो जाता है कि शुरूआती दिनों में लगे प्रतिबंध के बावजूद खनन और परिवहन को कायदे कानून की लगातार धज्जियां उड़ाई जाती रही, उसी समय रोक दिया होता तो स्वाभाविक रूप से स्थिति नियंत्रण में रहती।
जिले में भय का माहौल
आज जिले में भय का माहौल निर्मित हो रहा है जबकि आदिवासी बाहुल्य यह अंचल शांत प्रिय है सरे राह डंडे बेसबाल से चौक -चौराहों पर लेकर मार पीट पुलिस तंत्र को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था, लेकिन गुंडो पर दर्ज मामला कुछ हद तक सारी जनचर्चाओ पर विराम लग गया।
जिले के लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी बुढार की संवेदनशीलता भले ही सत्तासीनों को नागवार गुजरे पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी बुढार के रहते जनता का अहित नही होगा प्रमाणित हो गया।
खबरों पर एक्शन ना लेना इन वंशिका ग्रुप करींदों का किया हौसला बुलंद
जानकार बताते है कि सरे आम बेखौफ वंशिका कॉन्ट्रक्शन ग्रुप के करींदों द्वारा मारपीट करना खनिज विभाग, प्रदूषण एवं पर्यावरण विभाग से मिली छूट का नतीजा है, वरना बोड्डिहा, रसपुर, लोढ़ी, भटगवां, बटली, कसेड, बटुरा की रेत खनन और परिवहन का करोडों रूपये राजस्व की चोरी और साठगांठ की प्रकाशित खबरों पर एक्शन ना लेना इन वंशिका ग्रुप के लोगों का हौंसला दोगुना कर दिया, जिसकी परिणति बेसबाल, लाठी के बाद तमंचे और तलवारें खींची गई की खबरें सामने आ जाएंगी इस बात से इनकार नही किया जा सकता।
भंडारण क्षमता पत्रक बिना जमा कर
खनन और परिवहन कैसे…?
जबकि कॉरपोरेशन, खनिकर्म भोपाल एवं खनिज विभाग शहडोल में जमा दस्तावेजों की माने तो लिखे कायदे कानून के परिपालन में ही वंशिका ग्रुप कंपनी की रेत खदान निरस्त हो सकती है।
जैसे चूंदी नदी मे फंसी पोकलेन मशीन का मालिक कौन है, भंडारण क्षमता पत्रक बिना जमा कर खनन और परिवहन कैसे..?
ऐसे तमाम पहलू पर जीपीएस रीडिंग विडियो फुटेज और दस्तावेज जानकारों के पास उपलब्ध हैं और कुछ दस्तावेजों को खनिज विभाग के अधिकारियों सहित कर्मचारियों ने नमक का हक अदा करते हुए दबा दिया।
जिले में रेत खनन के नाम पर दहशतगर्दों के इस तांडव पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा किए गये कार्यवाही पर सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है।



