एनएसयूआई की जिला प्रशासन को चेतावनी।

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को पंगु बना कर लूट रहे हैं निजी लाभ।
जबलपुर। जिले में निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर जारी बेतहाशा लूट एवं सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं के खिलाफ पिछले एक माह से आदोलनरत् है । उक्त कड़ी में युवा कांग्रेस व NSUI के कार्यकर्ताओं ने रिजवान अली कोटी व रघु तिवारी के नेतृत्व में सिविक सेंटर में धरना प्रदर्शन आयोजित किया , धरना पश्चात् एस डी एम . को ज्ञापन सौंपा गया . ज्ञापन में निम्न मांगें की गई।
विज्ञप्ति जारी करते हुये संगठन के रिजवान अली कोटी एवं रघु तिवारी ने बताया है कि इंदौर एवं भोपाल की तर्ज पर निजी अस्पतालों को सरकारी नियंत्रण में लेकर इलाज की न्यूनतम दरें तय की जायें , ताकि कोरोना का इलाज निजी अस्पतालों में आम व्यक्ति भी करवा सकें , पिछले दिनों में देखने में आया है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर की अनुपलब्धता की वजह से कोरोना मरीजों को समय पर इलाज प्राप्त नहीं हो पा रहा है , अच्छे एव समुचित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाये , प्रतिदिन जारी होने वाले हेल्थ बुलेटिन में केवल सरकारी अस्पतालों में पॉजीटिव पाये गये एवं मृत पाये गये नागरिकों की संख्या को शामिल किया जा रहा है , जबकि निजी अस्पतालों एवं निजी लैब में जांचोपरांत पॉजीटिव पाये गये अथवा मृत हुये व्यक्तियों की संख्या इसमें शामिल नहीं होती , जिसके कारण अनभिज्ञता का माहौल बना हुआ है , रोज जारी होने पॉजीटिव एवं मृत लोगों के आंकड़ों में निजी अस्पतालों एवं निजी लैबों की भी जानकारी सम्मिलित की जाये , पूर्व में सगठन द्वारा अनंत हॉस्पिटल एवं सिटी हॉस्पिटल द्वारा भर्ती किये गये मरीजों से अत्याधिक राशि वसूल किये जाने की शिकायत की गई थी , जिस पर शासन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है , जिससे इन्हें शासन का संरक्षण प्राप्त होना दर्शाता है । अतः भ्रष्टाचार करने वाले अस्पतालों पर कार्यवाही की जाये , निजी अस्पतालों द्वारा शहर की कई निजी होटलों को अधिग्रहित कर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है , लेकिन उक्त होटलों में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों का पालन नहीं किया जा रहा है । शासन द्वारा मॉनीटरिंग कर उक्त अधिग्रहित होटलों की जानकारी सार्वजनिक की जाये एवं सरकारी अस्पतालों की तरह निजी अस्पतालों में उपलब्ध खाली बेडों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिये , ताकि उपलब्धतानुसार लोग अपना इलाज करवा सकें । संगठन लगातार आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करवाना चाह रहा है , लेकिन जिला प्रशासन अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने में अक्षम रहा है । कृपया कर निजी अस्पतालोों को सरकारी नियंत्रणों में लेकर न्यूनतम दरें तय की जायें । यदि जिला प्रशासन हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्ण निर्णय नहीं लेता तो विवशतावश हमें जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दिनेश यादव , बाबू विश्वमोहन , विवेक अवस्थी , रामदास यादव , विजय पाल्हा , ताहिर अली , शफीक हिना , राजेश यादव , रविन्द्र गौतम , गुड्डू नवी , पारस जैन , पिंकी मुद्गल , खुर्शीद अंसारी , कहकशां बानो , कमला चौहान , देवकी पटेल , बादल पंजवानी , कपिल भोजक , सागर शुक्ला , अमित सोनकर , संदीप जैन , शाहनवाज अंसारी , रिंकू बदलानी , एजाज अंसारी , आन्द्रियास मसीह , अचलनाथ चौधरी , अदनान अंसारी , कादरी साहब , शाहरूख मंसूरी , फैजान मंसूरी आदि उपस्थित रहे



