मध्य प्रदेशसतना दर्पण

सीईओ की कृपा से सरपंच ने पंद्रह साल में बनाई अकूत संपत्ति,

सतना। ग्राम विकास का सपना दिखाने वाले नेताओं ने सरकारी बजट पर जमकर पलीता लगाने का कारनामा किया है।सबसे मजेदार बात यह है कि प्रिंट मीडिया में कारनामों का खुलासा होते ही सरपंच पति और पुत्र धमकी देने पर उतारू हो गए हैं।

सतना जिले के सोहावल क्षेत्र अंतर्गत करसरा ग्राम पंचायत आती है। यहां पर एक शुक्ला परिवार है जिन्हें पिछले पंद्रह सालों से पंचायत की जनता सरपंच चुन रही है। ग्राम पंचायत करसरा में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार आवश्यकता अनुरुप नहीं हो पाया है।
जहां पिछले दस साल तक करसरा के सरपंच विद्याधर शुक्ला रहे वहीं पिछले पांच साल से इस महत्वपूर्ण पद पर उनकी पत्नी कल्पना शुक्ला आसीन है।

स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए शौचालय निर्माण का महाभियान करसरा ग्राम पंचायत में चला जरूर पर वह टिकाऊ नहीं हो पाया।
महिला सरपंच ने पिछले पांच साल के दौरान लगभग 1500-2000 शौचालय निर्माण कार्य के लिए सरकारी बजट आहरित किया।

मीडिया की एक टीम ने करसरा ग्राम पंचायत का जब मौका मुआयना किया तो हकीकत चौंकाने वाली रही। सरकारी पैसों से घर घर बनाए गए शौचालय की व्यवस्था केवल कागजी घोड़े दौड़ाने तक सीमित रह गई।
मास्टरमाइंड शुक्ला परिवार ने ही विटनरी की जमीन पर सुनियोजित पलीता लगाया है। आरोप है कि लगभग ढ़ाई एकड़ विटनरी की जमीन पर सरपंच परिवार ने अवैध कब्जा कर रखा है।
इसी विटनरी की बाउंड्री वॉल के बाहर मौजूद जमीन को बेचने का षड्यंत्र किया जा रहा है। घर घर शौचालय निर्माण की हकीकत करसरा ग्राम पंचायत में चौंकाने वाली है।
किसी भी दिखावटी शौचालय का कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
सोहावल जनपद पंचायत में तैनात मुख्य कार्यपालन अधिकारी टीबी सिंह की विशेष कृपा करसरा ग्राम पंचायत पर बताई जाती है।

संभवतः यही वजह है कि सरपंच परिवार की तरफ से एक चार पहिया वाहन उपहार स्वरुप सीईओ को दिए जाने की चर्चाएं शहर में निरंतर हो रही हैं।

पहले सरपंच बनकर विद्याधर शुक्ला ने बेशकीमती संपत्ति करसरा में बना डाली। पिछले पांच साल सरपंच के पद पर पत्नी के होने के बाद भी सरपंच परिवार का पूरा कंट्रोल बना रहा।

शासन की योजनाओं की आड़ लेकर करसरा ग्राम पंचायत में सरपंच परिवार ने सुनियोजित घोटाले को अंजाम दिया है।

जनपद पंचायत कार्यालय सोहावल में तैनात जिम्मेदार अधिकारी करसरा ग्राम पंचायत सरपंच परिवार के करीबी बताए जाते हैं।

बेटे ने पावरग्रिड की ठेकेदारी में कर डाला कमाल

ग्राम पंचायत करसरा में शासन की योजनाओं के नाम पर इतिहास बनाने वाले घोटाले किए गए हैं। जनपद पंचायत सोहावल की विशेष कृपा के कारण शौचालय निर्माण घोटाला करने वाले सरपंच पर कार्रवाई करने के बजाय हौंसला बढ़ाया जा रहा है। सरपंच परिवार के चश्मों चिराग राहुल शुक्ला को पैरों में खड़ा करने के लिए सरपंच परिवार ने पावरग्रिड में ठेकेदारी शुरू करवा दी।सूत्रों ने बताया कि जब पावरग्रिड वालों ने गांवों में हैंडपंप सहित अन्य सामाजिक काम करने के लिए लगभग 70 लाख रुपए का बजट उपलब्ध करवाया था, इस मामले में भी सरपंच परिवार ने मास्टरमाइंड तरीके से घोटाले का इतिहास बना डाला। ग्राम पंचायत करसरा के अंतर्गत आने वाले गांवों में बंद पड़े हैंडपंपों को सही कराने के लिए पावरग्रिड कंपनी ने अपनी तरफ से भारी भरकम मदद उपलब्ध कराई,
जिस पर सरपंच पुत्र ने सुनियोजित कारनामा कर डाला है।
ग्राम पंचायत करसरा में अधिकांश हैंडपंप निजी पट्टे की जमीन पर लगवाए गए हैं, जिसके गांव के अन्य लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। कुल मिलाकर जनपद पंचायत कार्यालय सोहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत करसरा में पूर्व सरपंच विद्याधर शुक्ला, कल्पना शुक्ला और युवा साथी राहुल शुक्ला ने भी अपने जीवन में चौंकाने वाला कारनामा किया है। जनपद पंचायत कार्यालय सोहावल में मैनेज सीईओ होने के कारण घोटालेबाज सरपंचों को मनमानी करने का लाइसेंस मिला हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page