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पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस का कांग्रेसीकरण

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश के राज भवन द्वारा माननीय प्रधान मंत्री जी के सोच अनुसार 20 जून 2023 पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस (20 जून 1947) जबलपुर में सम्पन्न कराने का निश्चय किया गया था। जिसके फलस्वरूप रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में उक्त कार्यक्रम संपन्न हुआ। बंगा समाज के लिए अत्यंत हर्ष हैं अध्यक्ष श्रीमति मुक्ता राय एवं सचिव सुजीत बैनर्जी ने आज दिनांक 24 जून 2023 को सिटि कॉफी हाउस, कमरचंद चौक में सायंकाल 4 बजे पत्र वार्ता आयोजित कर राज भवन में पदस्थ अधिकारियों की कांग्रेसी मानसिकता के कारण उपरोक्त कार्यक्रम असफल करा दिया। या यूं कहे कि खाना पूर्ति की गई। बंग समाज का इतिहास 149 वर्ष पुराना है। (संलग्न पत्र क्रमांक 1 देखें) एवं वर्तमान में 20 से अधिक बंग संस्थाएं पंजीकृत / गैर पंजीकृत कार्यरत है एवं 6 संस्थाओं में काली मंदिर स्थापित है। राजभवन के आयोजको ने एक संस्था विशेष एवं उसके अध्यक्ष (कांग्रेसी मानसिकता) को उपकृत करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया । जबकि उक्त कार्यक्रम में सभी बंग संस्थानों को आमंत्रित किया जाता तो संस्कारधानी के अनुरूप बंगाल की सांस्कृति / सामाजिक / धार्मिक धरोहर को संपूर्ण शहर में एक भव्य स्वरूप दिया जा सकता था जबलपुर में लगभग 60000 बंग भाषी रहते हैं इसमें से मात्र 100 से 125 बंग भाषी ही उपस्थित हुए जिससे आयोजको की अज्ञानता एवं व्यक्तिगत संबंध बनाने के कारण भा.ज.पा. शासित राज्य में एक अच्छा कार्यक्रम संपूर्ण होने से रह गया 1. मंच पर एक संस्था के व्यक्ति विशेष के अध्यक्ष को स्थान दिया गया जबकि सेना के कुछ अधिकारी (बंग संस्थान) को स्थान नहीं दिया गया क्यों 2. बंग समाज की वरिष्ठतम सदस्य एवं पूर्व सांसद तथा पूर्व केबिनेट मंत्री म. प्र. शासन श्रीमति जयश्री बनर्जी को भी मंच पर स्थान नहीं दिया गया क्यों 3. कार्यक्रम राजभवन का था परंतु पूर्व सासद का स्वागत व्यक्ति विशेष संस्था के अध्यक्ष ने क्यों किया 4.स्मृति चिन्ह उक्त संस्था ने क्यों दिया बंग समाज का किसी व्यक्ति विशेष या संस्था से कोई मतभेद नहीं है। सिर्फ संपूर्ण समाज एवं संस्कारधानी के मिजाज के अनुरूप कार्यक्रम की भव्यता को पलीता लगाने वालों की जांच कर कठोर कार्यवाही की जाना चाहिए 19 जून 2023 सायंकाल 6 बजे माननीय राज्यपाल महोदय से भेंट कर उक्त शिकायत दर्ज करवा दिया गया पत्र वार्ता में आशीष बनर्जी, दीपक पाल उपाध्यक्षद्वय, आलोक बोस, श्रीमति सीमा मण्डल, त्रिदिप भट्टाचार्य, साधन दास, संदीप चौधरी आदि सदस्य मौजूद थे ।

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