जबलपुर की महारानी महाकाली के आभूषणों में हेरा फेरी।

समिति के पूर्व पंडा पर लगा आरोप।
जबलपुर। शारदेय नवरात्र का पवित्र त्यौहार चल रहा है। कोरोना काल की महामारी के दौर में लोग अपने घरों में रहकर पूजा पाठ कर रहे हैं। हालांकि चौक चौराहों पर प्रतिमाएं स्थापित हैं और लोग शासन के निर्देशानुसार कोरोनावायरस की गाइडलाइंस का पालन करते हुए माता की भक्ति और आराधना कर रहे हैं। जबलपुर की महारानी के नाम से लोकप्रिय समिति जो लिंक रोड पड़ाव में स्थित है। के पूर्व पंडा और वर्तमान समिति अध्यक्ष के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हुई है।
समिति के वर्तमान अध्यक्ष अखिल पाठक ने पूर्व पंडा अशोक पाठक पर इस बात का आरोप लगाया है कि वे महिला भक्तों से अभद्रता करते हैं।
माता रानी के आभूषणों में उनके द्वारा हेराफेरी की गई है। भक्तों को जातिगत रूप से भी अपमानित किया जाता है। जो चढ़ावा आता है उसमें भी हेराफेरी होती है और पंडा द्वारा समिति को कोई जानकारी नहीं दी जाती। तांत्रिक पंडा अशोक पाठक की पत्नी पिंकी पाठक और दो पुत्र आशीष पाठक और प्रिंस पाठक माता रानी के चढ़ावों में हेराफेरी करते रहे और समिति के अध्यक्ष द्वारा जब ब्योरा मांगा गया। तो उन्हें जातिगत रूप से अपमानित किया गया।
एक पत्रकार वार्ता में बोलते हुए समिति के सदस्यों और अखिल पाठक द्वारा यह जानकारी पत्रकारों को दी गई कि, पंडा का पद 2019 में उसे छीन लिया गया है। उनके अनुचित व्यवहार के कारण इस वर्ष पुजारी का कार्य किसी और को सौंपा गया है।
यहां गौर करने लायक बात यह है कि पूर्व पंडा अशोक पाठक द्वारा इस विषय में एक शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहले ही दी जा चुकी है। जिसमें उन्होंने स्वयं पर हो रही प्रताड़ना का आरोप समिति अध्यक्ष पर लगाया था।



