केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी।

भारतीय मजदूर संघ ने किया विरोध।
जबलपुर। उद्योगों की दशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार द्वारा श्रम अधिनियम 2020 लाया गया है। लेकिन इसके प्रावधानों का विरोध भी शुरू हो गया है। भारतीय मजदूर संघ ने इसे श्रमिक विरोधी नौकरशाहों के हितों की रक्षा करने वाला बताया। भारतीय मजदूर संघ ने इसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने की बजाय बंद करने वाला बताया। श्रमिकों की छटनी करने में सहायक बताया।
श्रमिक संगठनों के लिए प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियनों को 51% तक बढ़ाने वाले कानून का घोर विरोध किया। इससे मजदूर यूनियन कमजोर होंगी। मजदूरों का शोषण भी होगा। भारतीय मजदूर संघ ने इस पर आपत्ति जताई है। कुल मिलाकर यह कहा गया है कि नियोक्ताओं नौकरशाहों के पक्ष में यह कानून झुका हुआ है देश में औद्योगिक शांति को प्रभावित करते हैं। एक घंटा आज के कार्यक्रम में मजदूर भारतीय मजदूर संघ की ओर से राजकुमार यादव, रामाराम मगर्दे, बसंत गोरे, धीरज अग्रवाल, शैलेंद्र गौर, अखिलेश श्रीवास्तव, राजकुमार नायक, पवन देवक, राजेश मार्वेकर, शरद के राज, श्रीमती लता सिंह, महेश पाठक, नरेंद्र तिवारी, राजेंद्र सिंह के साथ बड़ी संख्या में मजदूर संघ के सदस्य मौजूद थे।
