शिकायत के महीनों बाद भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही

निर्माण कार्य करवाने के महीनों बाद ठेकेदार नहीं कर रहा भुगतान।
डिण्डौरी दर्पण ब्यूरो। जिले के गोरखपुर से सिवनी संगम तक सड़क निर्माण कार्य में चिंन्हित स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्य एएससीओएन कंपनी के ठेकेदार के.पी. सिंह द्वारा करवाया गया था, जिसकी मजदूरी भुगतान दर्जनों श्रमिकों को नहीं की गई है,जिससे मजदूर परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब है। मजदूरों की मानें तो पुलिया निर्माण कार्य में करीब 40 मजदूरों नें कई हप्ते तक काम किया, लेकिन कार्य होनें के महीनों बाद भी ठेकेदार भुगतान नहीं कर रहा है,जिससे मजदूरों की परेशानी बढी हुई है। गौरतलब है कि गोरखपुर से सिवनी संगम तक सड़क मार्ग पर चिन्हित स्थानों पर पुलिया निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश के एक ठेकेदार द्वारा करवाया गया है। जहां निर्माण कार्य करवानें के महीनों बाद भी ठेकेदार द्वारा दर्जनों श्रमिकों को भुगतान नहीं किया गया है। परेशान श्रमिकों नें कलेक्टर सहित सीएम हेल्पलाइन में शिकायत पत्र देकर कार्यवाई करनें की मांग की गई है।लेकिन शिकायत के महीनों बाद भी अभी तक जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई और ना ही भुगतान कराए जाने प्रशासन स्तर से कोई पहल की जा रही, जिससे परेशानी बढ़ी हुई है।
- ठेकेदार के ऊपर लाखों रुपए का भुगतान बकाया। शिकायतकर्ता केहर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि गोरखपुर से सिवनी संगम तक चिन्हित स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्य में लगे दर्जनों मजदूरों के लाखों रूपये का भुगतान बकाया हैं। शिकायत में बताया गया कि लगभग चार लाख रूपये का भुगतान अभी शेष है। शिकायत कर्ता केहर सिंह ठाकुर नें बतलाया है कि पास के गांव से श्रमिकों को ले जाकर ठेकेदार के कहनें पर निर्माण कार्य करवा रहा था। लेकिन अधूरा भुगतान कर ठेकेदार मामले से पल्ला झाड़नें में लगा है। जिससे गांव के दर्जनों मजदूरों का भुगतान नहीं हो पाया, जबकि मजदूरों का भुगतान न होनें से काफी परेशानी हो रही हैं। बताया गया है कि कई हप्तों तक दर्जनों श्रमिकों नें पुलिया निर्माण का कार्य किया, जिसका लगभग चार लाख रूपये मजदूरी का भुगतान बकाया है। शिकायत के महीनों बाद भी प्रशासन स्तर पर भुगतान कार्य कराए जाने कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।जिससे सैकड़ों मजदूरों की आर्थिक हालत खराब है और परेशानी भी बड़ी हुई है।
मजदूरों नें जल्द से जल्द शासन से मजदूरी भुगतान दिलाये जानेें की मांग की है, ताकि श्रमिकों को हो रही समस्या से निजात मिल सके।



