कोरोना की आड़ लेकर जेपी सीमेंट लिमिटेड ने हजार से अधिक कर्मचारियों को किया बाहर

जेपी सीमेंट लिमिटेड की दादागिरी, कोई सुनवाई नहीं
रीवा दर्पण। कोरोनावायरस महामारी की आड़ लेकर जेपी सीमेंट रीवा ने 1000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया । मजेदार बात यह है की महामारी के हालात सामान्य होने के बाद भी जेपी सीमेंट के बेलगाम प्रबंधन ने किसी भी बाहर किए गए कर्मचारी को वापस नौकरी पर नहीं रखा है । पिछले 8 महीने से 1000 से अधिक कर्मचारियों का परिवार रोजी रोटी के लिए मोहताज हो चुका है। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है परेशान लोगों ने आज जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर अपनी पीड़ा बताने का काम जरूर किया है लेकिन जेपी सीमेंट का मजबूत प्रबंधन केवल इतने से झुकने वाला नहीं है, क्योंकि जिला प्रशासन को कंट्रोल करना जेपी सीमेंट को बहुत अच्छी तरह से आता है। कर्मचारियों की राजनीति करने वाले सीटू संगठन के बैनर तले जेपी सीमेंट से निकाले गए कर्मचारियों ने धरना दिया। मार्च 2020 में जेपी सीमेंट के बेलगाम प्रबंधन ने हजार से अधिक कर्मचारियों को कोरोनावायरस महामारी के नाम पर बाहर करते हुए कहा था कि हालात सामान्य होने पर सबको पुनः नौकरी पर वापस बुला लिया जाएगा। लेकिन आज तक किसी भी बाहर किए गए कर्मचारी को वापस जेपी सीमेंट लिमिटेड ने नौकरी पर नहीं रखा है। जिसके कारण कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए पेट भरना तक मुश्किल हो गया है। हजार से अधिक कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए जीवन गुजारना अब काफी मुश्किल हो गया है। डंके की चोट पर जेपी सीमेंट लिमिटेड आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को बेरोजगार बनाने के महाभियान में जुटी हुई है। भूखमरी, बेरोजगारी की समस्या लोगों के लिए गले की फांस बन गया है। कोई गरीब लोगों को राहत दिलवाने वाला नहीं है। सीटू के बैनर तले जेपी सीमेंट से निकाले गए कर्मचारियों ने संभागायुक्त और कलेक्टर को ज्ञापन पत्र सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया है।
धोखेबाज है जेपी सीमेंट लिमिटेड, जमीन हड़प रही
जेपी सीमेंट लिमिटेड का प्रबंधन पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। जयप्रकाश गौड़ ने सन् 19885 में जेपी सीमेंट रीवा की नीव रखी थी, वे सीधे ग्रामीणों से मिलते थे। दस रुपए शुल्क में शिक्षा की व्यवस्था कायम कर रखी थी। जब से जेपी सीमेंट लिमिटेड की जिम्मेदारी अब मनोज गौड़ के कंधों पर है, इसलिए वे ग्रामीणों की समस्या की तरफ देखने वाले नहीं है। धोखेबाज की भूमिका निभाने वाले जेपी सीमेंट लिमिटेड ने हजारों लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया है, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मनोज गौड़ गांव वालों से मिलना तक पसंद नहीं करते हैं।



