तुमने शासन से भूमि का मुआवजा ले लिया है, तुम्हें धान की कटाई नहीं करने देंगे

- परेशान किसान ने पुलिस से की शिकायत लेकिन नहीं हो रही कार्रवाई ।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। तुमने अपने निजी भूमि का शासन से मुआवजा ले लिया है,अब तुम्हें धान की कटाई नहीं करने देंगे, सर्वजनिक रूप से धान की कटाई व गहनी कर शासन के विरुद्ध बांध निर्माण कार्य के विरुद्ध केस लड़ेंगे, यह कहना है बांध निर्माण का विरोध कर रहे कुछ कथित स्थानीय किसानों का। गौरतलब है कि जिले के जनपद मुख्यालय समनापुर अंतर्गत अंडई ,डूंगरिया बांध निर्माण कार्य पहले से ही विवादों में रहा है, जहां कई क्षेत्रीय किसान बांध को लेकर विरोध कर रहे हैं तो वहीं कई किसानों ने अपनी अपनी जमीन का मुआवजा भी प्रशासन से ले रखा है। बताया गया कि बांध निर्माण कार्य वैसे तो पहले ही विवादों में रहा है और विवादों का यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। गौरतलब है कि अंडई डुंगरिया बांध निर्माण कार्य मैं कुछ किसान बांध के समर्थन में है तो कुछ किसान बांध निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं, जिससे करोड़ों रुपए का बांध निर्माण परियोजना का कार्य वर्षों बाद भी लटका हुआ है। जिससे दर्जनों गांवों के किसानों को बांध निर्माण से मिलने वाला फायदा नहीं मिल पा रहा, करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली बांध निर्माण कार्य का विरोध लंबे समय से किया जा रहा है, यही कारण है कि वर्षों बाद भी बांध निर्माण का काम शुरू तक नहीं हो पाया है।
किसान के खून,पसीने की मेहनत पर पानी। जिले के समनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डूंगरिया गांव के किसान चतुरसिंह, राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य ग्रामीणों की माने तो उनकी जमीन पर जमा पूंजी खर्च करके कड़ी मेहनत कर धान की फसल बोया हुआ था , जिसकी कटाई का काम इन दिनों किया जा रहा है, लेकिन बांध निर्माण का विरोध कर रहे कुछ स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किसान को परेशान किया जा रहा है, ओर धान के फसलों की कटाई भी किसानों को नहीं करने दी जा रही, गांव के कुछ अनावेदकों द्वारा धान के गड्ढों को अपने अपने घर ले जा रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। मामले को लेकर परेशान किसान ने समनापुर पुलिस को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन शिकायत के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई है।किसान की माने तो बांध का विरोध कर रहे लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी लगातार दी जा रही है, कृषि कार्यों को भी प्रभावित किया जा रहा है, जिससे पीड़ित किसान डरा व सहमा हुआ है, बावजूद पुलिस को शिकायत के बाद भी कार्रवाई ना करना सवाल खड़ा कर रहा है।किसान ने आनावेदकों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है, ताकि किसान की खेती का कार्य प्रभावित ना हो सके।



