अल्ट्राटेक सीमेंट की वादाखिलाफी, न्यायालय करेगा इंसाफ

कौड़ियों के दाम हड़पी जमीन, नहीं दी किसी को नौकरी
रीवा। सीमेंट कंपनियों की मनमानी हमेशा गरीब किसानों के लिए मुसीबत साबित हुई है। पहले तो रीवा जिले में एकमात्र जेपी सीमेंट लिमिटेड से ही किसान परेशान चल रहे थे, अब तो किसानों को दोहरी मार से आहत करने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड भी मैदान में आ गई है। तीन साल पहले जेपी सीमेंट लिमिटेड ने अपनी माली हालत खराब होने पर अपना दूसरा सीमेंट प्लांट अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को बेंच दिया। इसके बाद अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के हाई प्रोफाइल और बेलगाम अफसरशाही से सराबोर प्रबंधन ने आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों की जमीन को हड़पने का खेल शुरू कर दिया। लोकल जमीन के दलालों को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने किसानों की जमीन निपटाने के महाभियान में लगा दिया। ग्राम जोनही निवासी अशोक पयासी की एक एकड़ से अधिक जमीन हड़पने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने मास्टरमाइंड तरीके से खेल को अंजाम दिया। जमीनी दलालों के माध्यम से सौदा करने के पहले यह तय किया गया कि पचास लाख रुपए एकड़ के हिसाब से अशोक पयासी को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड मुआवजा देगा, इसके अलावा परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। जमीन की रजिस्ट्री कराने के दौरान आनलाइन व्यवस्था के तहत अशोक पयासी से अंगूठा लगवा लिया गया। शिक्षित न होने के कारण अशोक अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की अफसरशाही को नहीं समझ पाए। मौके पर पंद्रह लाख रुपए देते हुए उन्हें कहा गया कि जल्द शेष मुआवजा राशि और एक व्यक्ति को नौकरी देने का काम पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन रजिस्ट्री कराने के बाद बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने अपने दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर लिए। काफी प्रयास करने के बाद भी अशोक पयासी को न तो मुआवजे की शेष राशि नसीब हुई और न ही उनके बच्चों को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने अपने यहां नौकरी दी। काफी परेशान होने के बाद अशोक पयासी इंसाफ के लिए न्यायालय की चौखट पर पहुंच गये हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून ही उद्योगपतियों के शिकंजे में फंसने वाले गरीब किसानों को हमेशा इंसाफ दिलवाता है।
लाक डाउन होने की वजह से लग गया समय
ग्राम जोनही निवासी अशोक पयासी ने बताया कि मार्च 2020 के दौरान अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने उनकी एक एकड़ से अधिक जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। पंद्रह लाख रुपए देने के साथ ही अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के बेलगाम प्रबंधन ने कहा कि अभी आप इतना रख लो जल्द शेष मुआवजा राशि के साथ साथ आपके बच्चे को नौकरी दी जाएगी। रजिस्ट्री होने के साथ ही कोरोनावायरस महामारी के कारण देश भर में लाक डाउन घोषित कर दिया गया। जिसके कारण अशोक पयासी अपनी बात उपयुक्त मंच पर नहीं रख पाए। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने पर जब उन्होंने आनलाइन रजिस्ट्री निकलवाई तब कहीं जाकर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का प्रायोजित खेल उजागर हुआ। उन्होंने कहा कि शेष मुआवजा राशि और नौकरी के लिए लगातार अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड में प्रयास किया गया पर किसी तरह से सुनवाई नहीं हुई। इंसाफ हासिल करने के लिए हम न्यायालय की शरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड किसानों को बरगला कर जमीनों को कौड़ियों के दाम पर निपटाने में लगा हुआ है। अशोक पयासी ने बताया कि भारतीय कानून ही गरीब किसानों को न्याय दिलवा सकता है।



