आईएमए के दुष्प्रचार के विरोध में उतरे आयुर्वेदिक डॉक्टर

नीमा समेत आयुर्वेदिक संगठनों ने राजपत्र का किया स्वागत
जबलपुर। बीते दिनों आई एम ए द्वारा सरकार के गजट नोटिफिकेशन का विरोध किया गया। जिस नोटिफिकेशन के तहत आयुर्वेद चिकित्सकों को 58 तरह की सर्जरी करने की अनुमति प्रदान की गई। लेकिन आई एम ए का कहना है कि जहां एक एलोपैथी चिकित्सक एमबीबीएस के बाद एमएस करता है। उसके बाद शल्यक्रिया के काबिल होता है। वहीं सरकार के गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक आयुर्वेदिक चिकित्सक केवल कुछ महीनों का ब्रिज कोर्स करके सर्जरी कर सकता है।
आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है कि आई एम ए द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि छोटा सा कोर्स करके सर्जरी की अनुमति डॉक्टरों को मिल जाएगी। वास्तविकता यह है शल्यक्रिया की पद्धति को आयुर्वेद हजारों सालों से अपनाता आ रहा है।
एक विद्यार्थी नीट की परीक्षा पास करके बीएएमएस में दाखिला लेता है। इसके बाद बीएएमएस की डिग्री लेता है और फिर 3 साल का कोर्स करके शल्यक्रिया के काबिल बनता है। ऐसी स्थिति में आई एम ए का यह कहना कि ब्रिज कोर्स करके कोई डॉक्टर शल्यक्रिया कर सकता है। यह दुष्प्रचार है जिसका कि विरोध किया जा रहा है।
आयुर्वेद में फोड़े फुंसियों के अलावा आंख की सर्जरी के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों की भी शल्यक्रिया की जाती है। आचार्य सुश्रुत के द्वारा भारतीय चिकित्सा पद्धति में काफी पहले समय से शल्यक्रिया के माध्यम से उपचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद विनियम 2016 के नियम 10 में नियम 8 के अंतर्गत 58 प्रकार की शल्यक्रिया को मान्यता दी है। उसके लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों का संगठन सरकार का धन्यवाद करता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टरों के संगठन नीमा ने यह घोषणा की है कि जहां आइएमए ने 11 तारीख को मरीजों का उपचार ना कर। हड़ताल करने की घोषणा की है। वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सा निशुल्क अपनी ओपीडी में मरीजों के उपचार के लिए उपस्थित रहेंगे।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए आईएमए के विरोध में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन, विश्व आयुर्वेद परिषद, एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल आयुर्वेद प्रैक्टिशनर एसोसिएशन, और सरकार की तरफ से देश में इंटीग्रेशन को बढ़ावा देने के विरोध प्रदर्शन में कोई भी आई एम एस डॉक्टर शामिल नहीं होगा। आइएमए द्वारा किए जा रहे विरोध की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी। इस अवसर पर डॉ राजेश मिश्रा, डॉक्टर कल्याण सिंह ठाकुर, डॉक्टर कमलेश गुप्ता, डॉक्टर सुमित कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर आकाश गुप्ता, डॉक्टर एस ए खान, अजय साहू के साथ डॉक्टर शैलेश चौहान उपस्थित रहे।



