पोस्टमास्टर ने अपनी शादीशुदा पत्नी को घर से निकाला।

पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए भटक रही है पीड़िता।
जबलपुर। वह दोनों लंबे वक्त तक लिविंग में रहे। एक दूसरे को समझते रहे। उसके बाद दोनों ने शादी भी कर ली। इसी बीच लड़का पोस्ट मास्टर हो गया। इसके बाद लड़के को लगा कि उसे इससे बेहतर जीवन साथी मिल सकता है। जिस लड़की के साथ उसने प्यार की कसमें खाई थी। कोर्ट मैरिज की थी और फिर सामाजिक रीति से भी शादी की थी। उसे अब गलत साबित करने पर तुला है।
मंगलवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पहुंची। गोटेगांव के एक पोस्ट ऑफिस में बतौर पोस्ट मास्टर काम करने वाला अजय कुमार ठाकुर, 2015 में पीड़िता से मिला और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा कर शादी का झांसा दिया। पीड़िता के अनुसार उसकी मर्जी के विरुद्ध शारीरिक संबंध भी बनाए गए। शादी का झांसा देकर लगातार 2019 तक संबंध बनाता रहा।
इसके बाद 18 जून 2019 को दोनों ने कोर्ट मैरिज की और 27 जून 2020 को दोनों ने सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह किया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह किराए का मकान लेकर रहने लगे। पति गोटेगांव ड्यूटी करने के लिए जाता था। जब पत्नी ने उसे अपने पैतृक घर पे चलने के लिए कहा तो पति का कहना था कि तुम चमारिन हो और मेरे घर वाले तो मैं स्वीकार करने के के लिए तैयार नहीं है। तुम ₹5 लाख, अपने बाप के यहां से लाओ तो हम तुम्हें स्वीकार करेंगे। जब पीड़िता ने अपने पिता के गरीब होने के चलते मना किया। तो पति उसके साथ मारपीट करने लगा। इसके बाद दीपावली के दिन जब अपने पति अजय के साथ वो उसके गांव गई। तो सास ससुर और 2 देवरों ने उसे चमारिन कह कर प्रताड़ित किया। साथ ही खुद को ठाकुर बताया। यह भी कहा कि अजय सरकारी नौकरी में है उसे ₹500000 मिल जाएगा। अपने पिता के घर से लेकर आओगे। तभी तो मैं हम लोग स्वीकार करेंगे। गोटेगांव थाने में शिकायत की और पुलिस ने अजय ठाकुर को वहां बुलवाया तब उसने लिखित रूप में यह कहा। कि वह अपनी पत्नी को लेने आएगा और आगे से उसे अच्छी तरह रखेगा। लेकिन ना तो अजय आया, ना ही उसका कोई संदेश। पीड़िता की माने तो उसने दूसरी शादी करने का मन बनाया है और वह इसके लिए प्रयासरत है। अजय कुमार ने आज तक विभाग में बतौर पत्नी नाम दर्ज नहीं कराया। पुलिस थाने में लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसलिए पीड़िता को मजबूर होकर पुलिस अधीक्षक महोदय से गुहार लगानी पड़ी।
पीड़िता चाहती है कि उसका पति उसे अपने साथ रखें या फिर उसे उसके किए की सजा मिले।



