सोहद्र बिगड़ जाने का डर छोड़ अपनी संस्कृति के लिए आगे आएं: पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

बहुत जल्द पूरा पंजाब एक होगा: कर्नल आरएसएन सिंह।
जबलपुर। सनातन परंपरा मानवता का मूल है जो सनातन परंपराओं को मानते हैं, वह उदार होते हैं। लेकिन जो इन परंपराओं को नहीं मानते वह इस उदारता का नाजायज फायदा उठाते हैं। आज जरूरत है बदलते वक्त की नब्ज को पहचानने की और उसके अनुरूप व्यवहार करने की। भारतीय संस्कृति एक ऐसी जीवन शैली है जिसका सूक्ष्म विज्ञान मानव जीवन के लिए लाभकारी है। यह और बात है कि अभी हमारा विज्ञान इतना विकसित नहीं हुआ, की संस्कृति के हर एक पक्ष को जानकर उसकी व्याख्या कर सकें।
हिंदू सेवा परिषद के आयोजन पर संस्कारधानी पधारे ओजस्वी वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और कर्नल आरएसएन सिंह ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पण और संस्कृति के प्रत्येक पक्ष को अंगीकार करने का संदेश दिया।
साहित्य संस्कार पत्रिका की गई भेंट।
संस्कारधानी जबलपुर से प्रकाशित होने वाली साहित्य संस्कार त्रेमासिक पत्रिका का नया अंक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और कर्नल आरएसएन सिंह को भेंट किया गया। नए गांव मैं आयोजित एक सभा के दौरान साहित्य संस्कार पत्रिका के संपादक मंडल ने शहर आए इन दोनों ओजस्वी वक्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रिका के प्रधान संपादक शरद अग्रवाल, संपादक सुरेंद्र पवार, प्रबंध संपादक रमाशंकर खरे और सह संपादक दीपक तिवारी दिव्य मौजूद रहे।
मानस भवन में व्याख्यानमाला।
आज 15 फरवरी 2021 दिन सोमवार को हिंदू सेवा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम “सरस्वती पूजन एवं व्याख्यानमाला” का आयोजन मानस भवन में किया गया। जिसमें सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ एवं राष्ट्रवादी चिंतक कर्नल आरएसएन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय संत समाज सहित सम्मिलित हुए। व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि
हिंदू जनजागृति समिति के मध्य प्रदेश के समन्वयक श्री राम कहानी ने कहा जागृत हिंदुओं के बलिदान से अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है। अब हमें राम मंदिर से रामराज बनाने हेतु पुरुषार्थ करना है। 100 करोड़ हिंदुओं का अपना एक हिंदू राष्ट्र बनने जा रहा है, इसलिए हमें केवल जन्म से नहीं अपितु कर्म से हिंदू बनना है।
कर्नल आर एस एन ने अपने व्याख्यान में कहा कि जो 26 जनवरी 2021 को हुआ वह कभी भी क्षमा योग्य नहीं है। 26 जनवरी को भारत माता की आबरू पर संकट खड़ा किया गया। जिसने यह दुष्कर्म किया उसको देश कभी क्षमा नहीं करेगा। मुझे उस की पैदाइश पर शक है। 26 जनवरी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में भारत की आन बान और शान का प्रदर्शन होता है। आप इस परेड में चुने जाने वाले एनसीसी कैडेट्स और जवानों के हौसले को देखिए , राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को देखिए, कड़कड़ाती ठंड में सुबह 4 बजे से परेड की रिहर्सल करते हैं। कि जब गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूरे विश्व की नजर भारत के शौर्य प्रदर्शन पर हो तब हमसे कोई चुप ना हो जाए। उस पर 26 जनवरी के दिन लाल किले में ट्रैक्टर परेड निकालकर क्या प्रदर्शित करना चाहते हैं।
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि लाल किले के सामने मीना बाजार है, जहां हिंदू महिलाओं की बोली लगाई जाती थी उन को निर्वस्त्र किया जाता था।
खालिस्तान की मांग करने वालों से मैं कहना चाहूंगा कि राजा रणजीत सिंह की राजधानी लाहौर थी दिल्ली नहीं। यदि खालिस्तान बनाना है तो पाकिस्तान वह बना लो और लाहौर राजधानी बना लो तो हम 100 करोड़ हिंदू भी साथ खड़े हो जाएंगे।
सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में दीप प्रज्वलित किया जाता है लेकिन क्यों ना इसके साथ मंत्रोच्चार भी किया जाए। भारत एक सनातनी राष्ट्र है जहां शासकीय कार्यों का शुभारंभ सनातनी परंपराओं के अनुसार किया जाना चाहिए युवाओं में जागृति लाने के लिए पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने आवाहन किया कि कहिए में शेर का बच्चा हूं मेरी मां शेरनी मेरे पिता शेर हैं। फिर देखिए कि आप में राष्ट्र और सनातन धर्म के लिए कैसा शौर्य जाता है। परंतु आजकल के युवाओं में चर्चा का विषय तो कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा, परंतु युवाओं को मैं प्रश्न देता हूं की आप प्रश्न करें कि सुभाष चंद्र बोस को किसने मारा, लाल बहादुर शास्त्री को किसने मारा, चंद्रशेखर आजाद की मुख भरी किसने की। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां मुख्यमंत्री ने वर्ष 2007 में गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया।
सनातन धर्म की बात के रखने पर कहा जाता है कि मत कहो सोहद्र बिगड़ जाएगा। अरे एक बार सोहद्र बिगड़ने ही दीजिए देखते हैं क्या होता है।
श्री कुलश्रेष्ठ ने इस मंच से प्रधानमंत्री मोदी से प्रश्न किया की भारत में करुणा की दवाई तो ढूंढ ली जिहाद की दवा कब ढूंढेगा।
कार्यक्रम में अतुल जेसवानी उत्कर्ष रावत धर्मेंद्र सिंह ठाकुर धीरज ज्ञानचंदानी सौरभ जैन सुशील पटवा नितिन सोनपाली अक्षय झा आदि उपस्थित थे।



