जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

शासकीय कार्य मे लापरवाही के चलते एक पटवारी सस्पेंड,दूसरे का कटा वेतन

पाटन संवाददाता । अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाटन आशीष पांडे के आदेशों का पालन नहीं करने और शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में राजस्व निरीक्षक मंडल कटंगी 1 के हल्का नंबर 7/16 मैं पदस्थ पटवारी दीपक राकेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है वहीं अन्य पटवारी महेश तिवारी का 3 दिन का वेतन काट दिया गया है।हमारे द्वारा पूर्व मे भी पाटन राजस्व विभाग से जुडी समस्या पर एवं पटवारियो की रिश्वत खोरी के कारण ग्रामीणों को हो रही समस्या की खबर प्रमुखता से छापी गई थी आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाटन के द्वारा तहसील पाटन हल्का नंबर 10,23,24 में पदस्थ पटवारी महेश तिवारी का सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायत का निराकरण मे हीला हवाली करने के आरोप,कार्य नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत पर तीन दिवस का वेतन काटा गया कार्यालय पाटन अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा पटवारी दीपक राकेश के जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि 15 फरवरी बीएलओ पाटन के समक्ष उपस्थित होकर 3 दिन के भीतर स्वास्थ्य परीक्षण कराकर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है इसके बावजूद पटवारी दीपक राजेश ने आदेश का पालन नहीं किया, पूर्व में भी दीपक राकेश के द्वारा प्राकृतिक आपदा सीएम हेल्पलाइन आदि शासकीय कार्यों में लगातार लापरवाही की जाती रही है इसी के मद्देनजर पटवारी दीपक राकेश का निलंबन किया गया है साथ ही निलंबन अवधि में पटवारी दीपक राकेश का जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रा रहेगी इसी प्रकार पटवारी महेश तिवारी का तहसील पाटन द्वारा 19 फरवरी से 23 फरवरी तक का 3 दिन का वेतन काटा गया है इनके द्वारा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने और 19 फरवरी की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की गई हैजबकि मुख्यालय की आयोजित बैठकों में राजस्व अधिकारियों को आम-जनता से जुडे मुद्दों और समस्याओं का तत्परता से निराकरण करने के निर्देश समय- समय पर दिये जाते रहे है,लोगों के काम समय पर हो फिर वो चाहे किसी भी विभाग से संबंधित क्यों ने हों, राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कि गई है।यदि आम जनता को अपने जायज काम कराने के लिये भटकना पड़ा तो न केवल संबंधित विभाग के अधिकारी पर कार्यवाही की जाय बल्कि क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों को भी इसके लिये जबावदेह माना जाय,राजस्व से जुड़े मामलों के निराकरण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश है। राजस्व कार्यालयों से दलालों को दूर रखने की हिदायत भी बैठको मे दी जाती रही है।एव निचले स्तर पर मामले अटकने की वजह से लोगों को कठिनाई हुई तो आरआई पटवारी की बजाय तहसीलदार और अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को इसका जिम्मेदार माना जाये।तथा उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जाये। नियमानुसार जो काम हो सकते हैं उन्हें तत्काल किया जाये और जो काम नहीं हो सकते हैं उनके बारे में वस्तु स्थिति से तुरंत संबंधित को अवगत कराया जाएसीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा हो तहसील व अनुभाग स्तर पर जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं उनके निराकरण संतुष्टिपूर्ण तरीके से हो।कोई प्रकरण अनदेखा ना रहे। सीमांकन, विवादित अविवादित नामांतरण, बंटवारा, वसूली, प्राकृतिक आपदा में सहायता एवं राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश है शासन प्रशासन के द्वारा पाटन राजस्व  कार्यालय में चल रही है इन अनियमितताओं मे की गई कार्यवाही से आमजन का सरकार के प्रति भरोसा कायम होगा और आगे भी इसी तरह की सक्त कार्यवाही होना चाहिये यदि कोई शासकीय कार्य के दोरान लापरवाही करता है। 

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