नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।

एक ही पंडाल में एक ही दिन मनाया गया भगवान राम और कृष्ण का जन्मोत्सव।
जबलपुर। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे वही भगवान कृष्ण का जीवन चरित्र कर्म का संदेश देता है।
मानस प्रवक्ता पंडित दुर्गा प्रसाद तिवारी के मुखारविंद से राम जन्म की कथा और उसके शिक्षाओं को सुनने के बाद राम भक्ति में डूबे श्रोताओं को कृष्ण भक्ति का भी रस मिला। जब बाल व्यास ठाकुर अनिकेत कृष्ण शास्त्री ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा विस्तार से सुनाई। पूजनीय स्वर्गीय पंडित भुनेश्वर प्रसाद चौधरी की स्मृति में आयोजित इस भगवत कथा में माताजी श्रीमती सीता पचौरी की उपस्थिति परम श्रद्धेय रही।
सारथी द्वार कचनार सिटी गेट नंबर 2 श्रीकांत पचौरी और समाजसेवी सीमा पचौरी के आयोजन में भक्तों की भावनाएं देखने लायक थी । कृष्ण जन्मोत्सव के समय जहां भक्त भगवान की भक्ति में झूम रहे थे । वही संगीत में भागवत कथा का आनंद भी ले रहे थे ।ज्ञान की इस गंगा यमुना में डूबे लोगों को भगवान का प्रसाद भी मिलाा। नन्हे से बाल गोपाल के दर्शन करके सभी धन्य हो गए। इस अवसर पर बृजेश बादल ने वसुदेव का रूप धरकर बाल गोपाल को अपने सिर पर लेकर पंडाल में प्रवेश किया। तो भक्त नन्हे से बाल गोपाल की एक झलक पाने के लिए उत्साह से भर गए। इस अवसर पर प्रणव पचौरी आदिति पचौरी के साथ बड़ी संख्या में भगवत भक्त मौजूद रहे।



