टीबी के मामलों को चिन्हित करने पंचायतवार योजना बनाएँ

कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देश
मण्डला। कलेक्टर हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, अनमोल पोर्टल, गर्भवती एवं प्रसूति महिलाओं की समीक्षा, टीकाकरण कार्यक्रम, दस्तक अभियान, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम तथा अन्य मामलों की विस्तार से समीक्षा की। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि टीबी के मामलों को चिन्हित करने पंचायतवार योजना बनाएं। मैदानी अमले को सक्रिय करते हुए टीबी के संदिग्ध मरीजों का परीक्षण एवं इलाज भी सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि प्राईवेट हॉस्पिटल अनिवार्य रूप से टीबी के मरीजों के आंकड़े बीएमओ से साझा करेंगे। कलेक्टर ने नियमित ओपीडी के मरीजों की टीबी जांच के आंकड़ों की भी समीक्षा की। उन्होंने नैनपुर, निवास, नारायणगंज, मवई तथा घुघरी में टीबी के नोटीफिकेशन की कम प्रगति पर संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि 70 प्रतिशत् से कम प्रगति दिखाने वाले बीएमओ की एसीआर रिपोर्ट में भी उनके प्रदर्शन को अंकित करें। उन्होंने टीबी उन्मूलन अधिकारी को प्राईवेट क्लीनिक का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को भी टीबी रोग की पहचान, जाँच तथा अन्य जरूरी जानकारियाँ देते हुए इस कार्य में सहयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचसी स्तर पर टीबी के उपचार के लिए जरूरी सभी दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। श्रीमती सिंह ने मीजल्स रूबेला अभियान की समीक्षा करते हुए विकासखण्डवार जानकारी ली। उन्होंने एएफपी सर्वेलांस की आंकड़ेवार समीक्षा की। कलेक्टर ने नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को 9 से 11 माह के बच्चों का डाटा संधारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला टीकाकरण अधिकारी को जिले के टीकाकरण के कार्यक्रम की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। श्रीमती सिंह ने अनमोल पोर्टल की समीक्षा करते हुए कम प्रगति दिखाने वाले बीएमओ से जवाब मांगे। उन्होंने सभी बीएमओ को समग्र एवं आधार एवं आयुष्मान कार्ड के संबंध में किसी भी प्रकार की परेशानी के लिए तत्काल संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनीमिक गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मंगलवार और शुक्रवार को हाईरिश्क एनीमिक गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके इलाज के निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह, अतिरिक्त सीईओ श्री मरावी, सिविल सर्जन विजय मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, अधिकारी, बीएमओ एवं संबंधित उपस्थित थे।



