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प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ, देश का सबसे बड़ा घोटाला।

प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ, देश का सबसे बड़ा घोटाला।
शासकीय धन के गबन प्रकरण में, 2 कर्मचारियों की संदिग्ध मृत्यु।
जबलपुर। भ्रष्टाचार वह दीमक है, जो जनता के हित के लिए बनाई गई हर योजना में सेंध लगा देते हैं और योजना के मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसा ही एक मामला देखने में आया है नगर परिषद शाहपुरा में। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास और दूसरे घोटाले की खबर सामने आई है। इस संबंध में नगर परिषद के सीएमओ और एक अन्य कर्मचारी की मृत्यु हो गई। जिसे पुलिस आत्महत्या मान रही है।
यह मामला है जबलपुर जिले की नगर परिषद, शहपुरा भिटौनी का। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ₹50 करोड़ का महा घोटाला हुआ है। इस परिषद में चार अलग-अलग सूचियों में 1877 हितग्राहियों को चुना गया था। हितग्राहियों में अधिकांश अपात्र हैं, लेकिन कलेक्टर के द्वारा जो अनुमोदित सूची थी। उसमें छेड़छाड़ करके घोटाला किया गया है। सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर महोदय द्वारा अनुमोदित सूची और वास्तविक आवंटन सूची में बड़ा अंतर है। यह कानूनी रूप से एक गंभीर अपराध है। नगरी निकाय द्वारा चुनी गई सूची, कहीं भी प्रकाशित नहीं की गई। बल्कि इस सूची को छुपाया गया। इस संबंध में आरोप लग रहे हैं, नगर परिषद के अध्यक्ष पति पर और उनकी पत्नी पर। उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान हुए इस घोटाले में आरोप है कि, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए। अपनी मनमर्जी से अपने रिश्तेदारों कुटुंब पड़ोसियों और बाहरी निवासियों को, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित किए। लेकिन वास्तविक हितग्राही आज भी आवाज से वंचित हैं। इस घोटाले में नगर परिषद के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों साथ ही स्थानीय बैंकों के साथ, रेत का अवैध कारोबार करने वाले रेत माफिया सम्मिलित हैं। गुणवत्ता हीन भवन के निर्माण और सामान भवन निर्माण सामग्री के सप्लायर के साथ-साथ हितग्राहियों के खाते में आई बैंक राशि, बैंक से गलत तरीके से निकाला गया। फर्जी बैंक खाता खोलने वाले कियोस्क चालकों द्वारा फर्जी दस्तावेज पर बनाए गए। मामला प्रकाश में आने के बाद नगर परिषद कार्यालय शाहपुरा से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं। यह दस्तावेज ना केवल आवाज घोटाला बल्कि शासन की कई योजनाओं के तहत किए गए और पात्रों की नियमित नियमित नियुक्तियों को उजागर करते हैं। घोटाले के संबंध में पिछले 1 वर्षों से लगातार शिकायत की जा रही है। किंतु अभी तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। बल्कि अब आरोपियों द्वारा इस घोटाले को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है।
यह तमाम आरोप एक पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस कमेटियों द्वारा लगाए गए हैं। साथ ही प्रशासन से मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की जाए। कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलने वाले कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया जाए। नगर परिषद के तत्कालीन प्रभारी सीएमओ किशोर सिंह और बिट्टू भाई जान की हत्या या आत्महत्या की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। खाताधारकों की जानकारी के बिना बैंक से पैसा निकाल लेने के अपराध में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। नगर परिषद कार्यालय में दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने या उनका गबन करने वाले सभी नियमित और अनियमित कर्मचारियों को जांच के बाद कार्यालय से हटाया जाए। सूचना के अधिकार के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना अधिकारियों की दो सूचियों में अंतर की बारीकी से जांच की जाए। इस अवसर पर नित्य निरंजन खंपरिया, डॉक्टर निलेश जैन, राजेश सिंह, रामबाबू सिंह, नन्ना राय, बबलू यादव मनीष पटेल, विजय मोहन, संंदीप कौशल, शीतल जैन उपस्थित रहे।

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