कोरोनॉ वारियर कर रहे पीड़ितों की मदद…

करोना वारियर्स जबलपुर से अजीत सिंह पवार ने बताया कि, व्हाट्सएप पे सहायता मेसेज से एक दूसरे की सहायता करने से शुरू हुआ हमारा सफर आज मेरे प्यारे शहर जबलपुर (जिसको संस्कारधानी भी कहते है) में आज एक बड़े स्वरूप में कोरोना वॉरियर्स जबलपुर के नाम से आम जन की मदद में दिन रात लगा हुआ है।
एक अदना सा फेसबुक पेज आज अपने वॉरियर्स के प्रोफेशनल कार्यशैली से मरीजों और उनके परिवार का साथी बन गया है। हमारे वॉरियर्स, इन परिवारों के हर कदम पे साथ होते है। पहले फोन से ही परिवार की हिम्मत बड़ जाती है की कोई तो है जो मेरे साथ है।
ये वॉरियर्स स्टूडेंट, स्टार्ट अप फाउंडर्स, बिजनेसमैन, डॉक्टर, लॉयर्स, टैक एक्सपर्ट्स, जर्नलिस्ट, समाज सेवी है जिनको मैंने कभी नहीं जोड़ा वो स्वयं की प्रेरणा और सेवा भाव से जुड़ते गए । आज हम १२ से १८ घंटे ऑनलाइन होते है ताकि, जो हो सके सहायता हो पाए।
ये एक युद्ध है और हम ऐसे किसी तुच्छ से वायरस को हमे चिद्दाने नहीं दे सकते, हराने नहीं दे सकते। हम वॉरियर्स हैं और हम लड़ेंगे जब तक जीत ना जाए।
हमने टेक्नोलॉजी की भी सहायता ली और हमारे टेक वॉरियर्स द्वारा एक दिन में वेबसाइट भी लाइव कर दी गई जन्हा हमारे वॉरियर्स द्वारा हैंडल हो रहे सारे केसेस की जानकारी होती है। ये हमे बेहतर तरीके से काम करने और आम जन को जानकारी देते रहने का प्रयास है। फेसबुक पेज पे जितने भी मरीज़ की जानकारी पोस्ट होती है हमारी डाटा टीम उसको डेटाबेस में रिकॉर्ड करती है और वॉरियर्स एक एक केस को पर्सनोली लेके प्रशासनिक गाइडलाइंस के अनुसार मदद मुहैया कराने की पूरी कोशिश करते है।
हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे वॉरियर्स द्वारा अथक मेहनत से वेरिफाई की गई जानकारी है और उससे भी अधिक मरीज़ और उनके परिवार से भावनात्मक जुड़ाव है। हम अनवरीफाइड जानकारी बिना जांचे हर जगह पोस्ट नहीं करते रहते और सीधे पीड़ित परिवार से बात कर, वास्तविक मदद करने में विश्वास करते है।
इस आपदा में कई बार हमारी हिम्मत टूटने लगती है और हताशा घेरने लगती है पर जब कोई स्वस्थ हो जाता है और उनके परिजनों की आवाज़ में जो खुशी होती है वो वापस से एक नई ऊर्जा भर देती है। हमने मिल के ना केवल मरीजों की सेवा का प्रयास किया बल्कि कुछ अस्पतालों की भी संसाधन जुटाने में सहायता की। जैसे हमारे भाई गजल राय जी के प्रयासों से नर्मदा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने से आज 15 ऑक्सीजन बेड का वार्ड ऑपरेशनल हो गया। हर एक वॉरियर के ऐसे ही कुछ न कुछ सुखद अनुभव है जो ऐसे कठिन समय में उनको बढ़ते रहने की शक्ति देते रहते है।
ग्रुप में वर्तमान में 700+ एक्टिव मेंबर्स है जो स्वयं इस पुण्य कार्य से जुडे़ और सभी का उद्देश्य मानव सेवा है। सभी वॉरियर्स को कोटि कोटि प्रणाम।
Our mantra is –
Connect . Communicate . Conquer
हमारी कोर टीम के वॉरियर्स हैं –
अजीत सिंह पवार (न्यू पवार रेस्टोरेंट, मैनेजमेंट)
अंजली चौहान (मैक्सिमा स्टील, फाउंडर)
निवेदिता तिवारी (लॉ स्टूडेंट)
ईशान सिंह पवार (लॉ स्टूडेंट)
साकेत खन्ना (हैंगआउट रेस्टोरेंट, फाउंडर)
आकाश नेमा (जबलपुर अनलॉक्ड, फाउंडर)
सुयश अग्रवाल (इंटरनेट एक्सपर्ट)
अंशुल मोटवानी (विटीपेन, फाउंडर)
अभिलाष सिंह (सीनियर सोफ्टवेयर डेवलपर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
शुभम् मराठा (सीनियर सोफ्टवेयर डेवलपर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
इन वॉरियर्स को मदद करने के लिए हमारी एक रिसोर्स टीम है जो इनको केसेस में हर तरह की सहायता प्रदान करती है।
रिसोर्स टीम –
अमित द्विवेदी (चीफ एडिटर, प्रत्यंचा)
शुभम् शुक्ला (जर्नलिस्ट, हरिभूमि)
गजल राय (सामाजिक कार्यकर्ता)
डॉ सत्येन्द्र सोनी (MBBS)
डॉ सलिक जमाल (MBBS)
राहुल तिवारी (संचालक, जबलपुर प्लाज्मा क्लब)
सुप्रीत तारे (मैनेजिंग डायरेक्टर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
हृदेश रॉय (फाउंडर, जबलपुर फूडीज़)
Our mantra is -Connect . Communicate . Conquer
हमारी कोर टीम के वॉरियर्स हैं -अजीत सिंह पवार (न्यू पवार रेस्टोरेंट, मैनेजमेंट)
अंजली चौहान (मैक्सिमा स्टील, फाउंडर)
निवेदिता तिवारी (लॉ स्टूडेंट)
ईशान सिंह पवार (लॉ स्टूडेंट)
साकेत खन्ना (हैंगआउट रेस्टोरेंट, फाउंडर)
आकाश नेमा (जबलपुर अनलॉक्ड, फाउंडर)
सुयश अग्रवाल (इंटरनेट एक्सपर्ट)
अंशुल मोटवानी (विटीपेन, फाउंडर)
अभिलाष सिंह (सीनियर सोफ्टवेयर डेवलपर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
शुभम् मराठा (सीनियर सोफ्टवेयर डेवलपर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
इन वॉरियर्स को मदद करने के लिए हमारी एक रिसोर्स टीम है जो इनको केसेस में हर तरह की सहायता प्रदान करती है।
रिसोर्स टीम -अमित द्विवेदी (चीफ एडिटर, प्रत्यंचा)
शुभम् शुक्ला (जर्नलिस्ट, हरिभूमि)
गजल राय (सामाजिक कार्यकर्ता)
डॉ सत्येन्द्र सोनी (MBBS)
डॉ सलिक जमाल (MBBS)
राहुल तिवारी (संचालक, जबलपुर प्लाज्मा क्लब)
सुप्रीत तारे (मैनेजिंग डायरेक्टर, टेरिटास सॉफ्टवेयर)
हृदेश रॉय (फाउंडर, फूडीज़ जबलपुर)



