अक्षय तृतीया पर्व में दान करने से होते हैं संकट दूर : नीलू महाराज

मण्डला। अंजनिया वरदान आश्रम के यज्ञाचार्य धर्मगुरू कथावाचक नीलू महाराज ने आज अक्षय तृतीया या आखातीज त्यौहार मनाया जाता है हिंदू धर्म का यह एक पर्व माना जाता है जो बैसाखू मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया या आखातीज कहते हैं उन्होंने कहा कि आज के दिन जल सहित जलपात्र का दान करना चाहिए। जिससे शांति मिलती है। अन्न दान करने से नवग्रह अनुकूल होते हैं, शत्तू के दान से शरीर स्वस्थ होता है। सुहाग की वस्तु दान करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है छाता के दान करने से वैभव आता है व्यंजन के दान से सर्व सुख मिलता है। इस दिन सोना खरीदना शुभ होता है। इस दिन फल, गुड़, बर्फी, सफेद वस्त्र, नमक, शरबत, चावल चांदी का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म में त्यौहारों का बहुत महत्व है हिंदू मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का त्यौहार सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है अक्षय तृतीया एक संस्कृत शब्द है अक्षय का अर्थ है शाश्वत, सुख, सफलता और आनंद की कभी कम न होने वाली भावना और तृतीया का अर्थ है तीसरा इस साल अक्षय तृतीया 14 मई दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से आने वाले भविष्य में सुख-समृद्धि और अधिक धन की प्राप्ति हो सकती है इसलिए इस दिन ज्यादातर लोग सोने की खरीदारी करते है ऐसा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति भी होती है। अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त अक्षय तृतीया 14 मई 2021 दिन शुक्रवार अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05: 38 से दोपहर 12:18 तक है पूजा की कुल अवधि 6 घंटे 40 मिनट होगी तृतीया तिथि प्रारम्भ 14 मई 2021 सुबह 05:38 बजे से तृतीया तिथि समाप्त 15 मई सुबह 07:59 तक है सोना खरीदने का शुभ समय अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय 14 मई 2021 को सुबह 05:38 बजे से शुरू होकर 15 मई 2021 को सुबह 05:30 बजे समाप्त होगा सोना खरीदने की कुल अवधि 23 घंटे 52 मिनट है। अक्षय तृतीय का महत्व पौराणिक कथाओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ था इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को परशुराम जंयती के रूप में भी मनाया जाता है कहा जाता है अक्षय तृतीया पर दान करने का विशेष महत्व है इस दिन दान करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन के सभी सकंट दूर हो जाते हैं



