छतरपुर दर्पणमध्य प्रदेश

आखिर किसके आशीर्वाद से फल फूल रहा रहा रेत का अवैध कारोबार

प्रशासन को खुला चेलेंज दे रहे रेत माफिया

चंदला/छतरपुर। समूचे देश मे जहां शासन प्रशासन सख्ती दिखाकर कोरोना की चेन तोड़ने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है। वहीं प्रशासन द्वारा कोरोना काल में भी अवैध रूप से खनिज माफियाओं द्वारा रेत का खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना कोई भी कार्यवाही करने से वंचित है। प्रशासन की मानें तो कोरोना से निपटने के लिए प्रशासन लॉकडाउन लगाकर इस चैन को तोड़ना चाह रहा है लेकिन खनिज माफियाओं पर इसका कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है
लिफ्टर लगाकर नेहरा घाट व हर्रईघाट पर धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है
अवैध रूप से संचालित बंशिया थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरा घाट व हर्रई घाट स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से संचालित करवाया जा रहा है। खनिज माफियाओं द्वारा खुले आम दिन रात बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है।नदी में लिफ्टर डालकर रेत निकाली जा रही है ट्रको और ट्रैक्टर द्वारा स्थानीय पुलिस की शह पर खुलेआम परिवहन हो रहा है यहाँ तक कि कोरोना चेन को रोकने हेतु जगह जगह पुलिस चेकिंग के लिए जो बेरीक्रेट्स लगाए गए हैं वो भी इन रेत के वाहनों को देखते ही खोल दिये जाते हैं यह रेत चंदला , लवकुशनगर होते हुए महोबा उत्तरप्रदेश व जिला मुख्यालय (छतरपुर) तक बेखौफ भेजी जाती है आखिर इन खनिज माफियाओं पर लॉक डाउन का कोई असर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
बिना रायलटी के चल रहा है रेत का अवैध उत्खनन,पुलिस के आला अधिकारी मौन
सोसल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार खबरों के प्रकासन के बाद हर्रई घाट प्रशासन के आला अधिकारी पहुचे खनिज अधिकारी अमित मिश्रा को न तो हर्रई घाट में खड़ा लिफ्टर दिखा और न ही नदी में रेत निकासी को लेकर हुए बड़े बड़े गड्ढे यहाँ तक कि ग्रामीणों के द्वारा प्रदेश के मुखिया के द्वारा चलाई गई जान कल्याणी योजना सीएम हेल्पलाइन में हर्रई हो रहे अवैध उत्खनन के लिए जो शिकायत की गई थी उसे भी खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने यह कहकर समाप्त करवाने की कोसिस की गई कि हर्रई में किसी प्रकार का अवैध उत्खनन नही हो रहा है खनिज अधिकारी आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं क्या है कारण अर्थ की चकाचौंध या फिर सफेद पोश नेताओ का भय

पर्यावरण हो रहा विनाश, कोरोना कर्फ्यू का नही हो रहा पालन

रेत माफियाओं द्धारा केन नदी में रेत निकासी के लिए अपने वाहनों को ले जाने के लिए नदी की किनारों कोअपनी मनमर्जी से काटा जा रहा है जिससे किसानों के खेतों की मिट्टी का विनाश हो रहा है साम होते ही अपने अपने घरों से निकल कर ग्रामवासी नदी किनारे इक्स्ठा होते हैं जिन्हें देख कर स्थानीय पुलिस उनपर सख्ती के रुख अपनाती है और वहीं दूसरी ओर रेत का धंधा करने वालों को यह पुलिस कुछ नहीं कहती
मौके पर पहुंचे मिडिया के लोगो को देख ग्रामीण बोले पुलिस हमे डंडा मरती है और रेत के धंधा करने वालों को कुछ नहीं करती।इससेे ग्रामीणों में अवैध उत्खनन एवं परिवहन को लेकर प्रशासन का यह रवैया चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा
है। ग्रामीण पीने के पानी को इधर उधर भटक रहे हैं कुएँ सूख गए हैण्डपंपो से पानी नही निकलता है नदी का पानी पीने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं कारण है नदी की जल धारा को मोड़ना व नदी का गहरीकरण हो जाने के कारण जल स्तर का घटना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page