जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

राशन वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करें : कांग्रेस प्रवक्ता

जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि प्रदेश के राशन कार्ड धारक /  बिना राशन कार्ड अथवा बिना राशन पर्ची धारक गरीब परिवारों को 3- 3 माह का एक मुश्त नि:शुल्क राशन वितरण किए जाने के निर्देश प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी ने विगत 5 मई को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भले ही दिए हो किंतु उक्त आदेश की जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। यह आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए आदेश उपरांत खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय के प्रमुख सचिव श्री फैज अहमद किदवई के आदेश क्रमांक 261/  PS  FOOD / 2021भोपाल दिनाँक 08 मई 2021 के  माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 अंतर्गत विभिन्न 24 श्रेणियों की पात्रता रखने वाले राशन पर्ची  विहीन /  छूटे हुए गरीब परिवारों को खाद्यान्न का वितरण अस्थाई राशन पर्ची जारी कर किए जाने तथा अस्थाई राशन पर्ची के आवेदनों का सत्यापन दो कार्य दिवस में करने के निर्देश दिए गए थे।
श्री कोष्टा ने कहा कि गरीब परिवारों को राशन पर्ची जारी कर राशन वितरण करने के दावे खोखले साबित हो रहे है। जिसका स्पष्ट प्रमाण हैं कि गत एक सप्ताह से राशन मित्र ऍप का पोर्टल बन्द होने के चलते अस्थाई राशन पर्ची का काम पूरी तरह ठप पड़ा हैं । और प्रदेश के लाखों गरीब परिवार अस्थाई राशन पर्ची और राशन पाने के लिए कोरोना काल मे शासकीय कार्यालयों के साथ-साथ राशन दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर है । इस बीच वह गरीब जो रोज खाया कमाया करते थे उनको काम धंधे भी छूट गए जो खुद का काम करते थे उनका रोजगार भी तबाह हो गया। पिछले 2 महीने से इन गरीबों का परिवार दो वक्त के निवालों को मोहताज हो रहा है। गरीबों ने फार्म तो जमा कर दिया है । लेकिन हकीकत यह है कि पर्ची जारी नहीं हो रही है।जिससे शिवराज सरकार का असली चहरा उजागर हुआ हैं।
श्री कोष्टा ने माँग करते हुये चेतावनी देते हुए कहा है कि गत एक सप्ताह से बन्द राशन मित्र ऍप के पोर्टल को तत्काल चालू किया जाकर प्रदेश के राशन कार्ड धारक/  बिना राशन कार्ड अथवा बिना राशन पर्ची धारक गरीब परिवारों को अस्थाई राशन पर्ची / राशन का वितरण सरल व सुलभ तरीके से निश्चित समयावधि में कराया जावे ।अन्यथा कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नही है। गरीबों के हक के लिए सड़कों पर आकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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