पीड़ित परिवार का एकमात्र सहारा था वह भी छिन गया।

देवेंद्र नामदेव को शीघ्र दिलाया जाए न्याय।
पीड़ित परिवार का एकमात्र सहारा था वह भी छिन गया।
जबलपुर। कोविड-19 की महामारी, लोगों के सामने जीवन का संकट लेकर खड़ी ही है। कि लोगों के आपसी सामंजस्य और सामाजिक समीकरणों को भी बिगाड़ रही है। जिसके चलते लोगों की रोजी-रोटी छिन रही है और वो अपना जीवन भी समाप्त करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। ऐसा ही मामला आया है, मृतक देवेंद्र नामदेव के मामले में। देवेंद्र ने विगत 21 मई को आत्महत्या कर ली थी। जिसका कारण, सिविक सेंटर में इनके दुकान के मालिक से, किराए को लेकर समस्या को माना जा रहा है।
सिविक सेंटर में इन्होंने, प्रशांत जैन से एक दुकान किराए पर ली थी। जिसका किराया वो प्रतिमाह बराबर भरते चले आ रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के चलते, विगत 3 माह से किराया नहीं दिया गया था। जबकि प्रशांत जैन, उनसे किराए की मांग कर रहे थे। ऐसी स्थिति में देवेंद्र, ₹10000 लेकर, प्रशांत जैन को देने के लिए पहुंचे। तो प्रशांत ने ₹50000 की मांग करते हुए, दुकान की चाबी भी छीन ली। इन तमाम घटनाक्रम से, देवेंद्र के सामने ना केवल रोजी-रोटी और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया। बल्कि उन्हें अपना आगामी भविष्य अंधकार में दिखने लगा और परिणाम देवेंद्र की असामयिक मृत्यु के रूप में सामने आया।
आवश्यकता है समाज और सरकार को,ऐसे लोगों और परिवार की आगे बढ़कर,मदद करने की और साथ ही वो लोग, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें कानून के मुताबिक उचित दंड देने की।
इन्हीं मांगों को लेकर मंगलवार को, एसपी ऑफिस में ज्ञापन दिया गया।
आज दिनांक 8 जून, दिन मंगलवार को, मृतक देवेंद्र नामदेव,महात्मा गांधी वार्ड निवासी के परिवार जनों को न्याय दिलाने के लिए। नामदेव समाज एवं अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा,मृतक देवेंद्र नामदेव के परिवारजनों के अनुसार और उनकी मौजूदगी में, प्रशांत कलेक्शन सिविक सेंटर के खिलाफ, जिले के एडिशनल एसपी महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में नामदेव समाज के पूर्व युवा अध्यक्ष बबलू शरद नामदेव, सुधीर नामदेव के अलावा, सुरेंद्र तिवारी,आलोक सोनी, सोनू कौशल, पप्पी सोनी, पप्पू कछवाहा, दिलीप पटारिया, दीपक केसरवानी, हरि चौबे, अखिलेश नामदेव, एजाज उस्मानी, साथ ही मृतक देवेंद्र नामदेव की मां हीरा नामदेव, पिता मुन्ना नामदेव उपस्थित थे।



