सिर्फ सैनिकों के सम्मान का दिखावा किया जाता है…

जबलपुर। भले ही पूरा देश सैनिकों के सम्मान की बात करें। लेकिन जब इस देश में सैनिकों के परिवारों को सुरक्षा ही नहीं मिलती। बार-बार गुहार लगाने पर उन्हें न्याय ही नहीं मिलता। तो कैसे मान लिया जाए, कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि, सैनिकों का सम्मान करते हैं? यह सुलगते हुए सवाल उठ रहे हैं। सैनिक परिवार के बेटे की मौत पर, जिसके लिए सेवानिवृत्त पूर्व सूबेदार, श्यामसुंदर चौबे न्याय की गुहार लगाते हुए, दर-दर भटक रहे हैं और शासन-प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है।
स्वर्गीय आशुतोष चौबे की मृत्यु पर, नरसिंहपुर पुलिस का रवैया बहुत ही असंतोषजनक रहा है।
पुलिस प्रशासन के रवैए से नाराज और दुखी पीड़ित परिवार,के साथ पूर्व सैनिक संघ आन ने,आईजी ऑफिस पहुंचकर, अपना ज्ञापन सौंपा और कार्यवाही की मांग की। संगठन के अध्यक्ष रजनीश सिंह ने भरे हुए मन से, यह बात मीडिया को बताई, कि एक सैनिक सीमा पर रहकर,अपने सरहदों की रक्षा करता है। तो इस बात से आश्वस्त रहता है, कि उसका परिवार इस देश में सुरक्षित है। लेकिन इस घटना से ऐसा लग रहा है,कि सैनिकों का परिवार अपने ही देश में न केवल असुरक्षित हैं। बल्कि उनकी आवाज भी शासन-प्रशासन न्याय संगत तरीके से नहीं सुनता। आन के द्वारा उचित कार्यवाही ना होने पर,उग्र विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।



