धन्यवाद मोदी जी पहली बार वंचितों को मिला सम्मान।

धन्यवाद मोदी जी पहली बार वंचितों को मिला सम्मान।
मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर दिया गया आभार।
जबलपुर। हमारे संविधान में देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं। समान अवसर भी दिए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद वर्ग विशेष से संबंद्ध लोग, विकास की दौड़ में पीछे रह गए। इनके अनेकों कारण हो सकते हैं। परंतु समय पर उचित प्रतिनिधित्व ना मिलना भी, इनके कारणों में से एक है। इस कारण को बीती सरकारों ने, बाकायदा 70 वर्षों तक पाला पोसा, वर्ग के लोगों से मिले वोट के बल पर, कुर्सियों पर बैठकर, मलाई खाते रहे। मोदी सरकार के कार्यकाल में इस कारण का निवारण किया गया, और स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश में, पहली बार 27 मंत्री पीड़ित, शोषित,वंचित,वर्ग से चुने गए। मंत्रिमंडल विस्तार में कुल,43 सांसदों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।इनमें 15 राज्यों के 27 ओबीसी सांसदों को, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी दी है। 7 जुलाई को हुए इस विस्तार में, जिन 27 सांसदों को मंत्री पद मिले हैं। उनमें से 5 कैबिनेट और 22 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंत्रिमंडल में यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर, खंडायत, भंडारी, बैरागी,टी ट्राइन, ढाकोर,कोली, बोक्कालिंगा, तुलु, गौड़ा, ऐसावा, लोध, एग्री, बंजारी, मैतेई, नट,मल्लाह-निषाद, मोध तेली, दर्जी समाज को सम्मिलित किया है।
देश में 52% आबादी पिछड़ा वर्ग की है। मोदी जी ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान, साल 2017 में 123 वां संविधान संशोधन लागू कर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को, मंजूरी दी थी। ताकि इस वर्ग के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्हें संवैधानिक दर्जा दिया जा सके।
और प्रदेश का ओबीसी समाज अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कि मंत्रिमंडल में उसके प्रतिनिधियों की जगह बन पाई।
जो लोग मंत्री बने हैं, उनके हाथ में मौका है। देश को शांति और विकास के रास्ते पर, ले जाने के लिए,उचित नीतियां बनाने का। जिम्मेदारी,सम्मानबोध के साथ-साथ कर्तव्य का बोध भी ले आए। तो इस देश का कल्याण हो जाए। पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा आयोजित
एक पत्रकार वार्ता के दौरान, पाटन क्षेत्र के विधायक अजय विश्नोई,नगर बीजेपी अध्यक्ष जी एस ठाकुर, विधायक प्रदीप जयसवाल, सुरेंद्र राठौर,मोर्चा नगर अध्यक्ष कैलाश साहू, अभिषेक सिंह के साथ दूसरे लोग भी मौजूद रहे।



