कोरोना योद्धाओं को स्मृति चिन्ह से नवाजा

लगभग एक वर्ष के भयावह महामारी ने लाखों अपनो को मौत की आगोश में सुला दिया आलम ये रहा कि जिन्होंने अपनो को खोया वो आज भी इस भयावह बीमारी को कोशने से जरा भी नही हिचक रहे पर इस बीच कोरोना योद्धा नामक एक अलंकार शब्द की उत्तपत्ति हुई जिसे मुँह देखकर उपकृत किया जा रहा है या किया गया ऐसा हम नही यहां के जिम्मेदार और प्रशासनिक व्यवस्था के द्वारा अवगत कराया गया है कि कोरोना योद्धा सिर्फ पुलिस कर्मचारी, नगरपालिका, नगरपरिषद, स्वास्थ्य व सत्ता में बैठे मठाधीश हैं लोकतंत्र के इस 100 करोड़ से ऊपर वाले आबादी देश मे मेरा मानना है हर वह व्यक्ति कोरोना योद्धा है जिसने अपने आँखों के सामने अपनो का मातम देखा,जिसने खुद कोरोना से जूझकर इससे जंग जीता फिर इस कतार में चन्द चिन्हित लोगों को उपकृत करके ये धूर्त व्यवस्था क्या साबित करना चाहता है।
रिपोर्टों की मानें तो इस भयावह मंजर में कई पत्रकार बन्धु बिना किसी शासकीय व्यवस्था के अपनी जान जोखिम में डालकर एक-एक क्षण की जानकारी देते रहे कुछ इस मंजर के किस्से बन परलोक सिधार गए तो कुछ अभी भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं पर समाज के इन आइनो को शासन से प्रशासन तक धुंधला ही समझते रहे और उपकरण की कड़ी में मुह देखकर कोरोना योद्धा का तमगा बांटते आ रहे हैं और बात अगर धनपुरी नगरपालिका की हो और दिखावेदार रविकरण का नाम न आए ऐसा क्या सम्भव है कागजों, बैनरों,होर्डिंग की शोभा का प्यासा कभी इन कार्यक्रमों में अपनी छायाचित्र पेश करने में पीछे नही हटते
कोरोना योद्धाओं का सम्मान-कोरोना संक्रमण के भयावह समय में पीड़ितों की मदद में हाथ बढ़ाने वाले स्वयंसेवीयों तथा विभिन्न विभागीय जनों का कोयलांचल क्षेत्र स्थित श्यामा गार्डन में गरिमा में कार्यक्रम आयोजित किये जाकर ऑपरेशन अवार्ड का स्मृति चिन्ह देकर कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया।
जैतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती मनीषा सिंह के मुख्यातिथ्य में तथा पं. शंभू नाथ स्वशासी महाविद्यालय शहडोल के कुलपति – मुकेश शुक्ला की अध्यक्षता एवं लोकप्रिय चिकित्सक डॉ ए.के. श्रीवास्तव, डॉ एस.सी. त्रिपाठी, एस.ई.सी.एल. के मुख्य महाप्रबंधक – शंकर नागाचारी, एस.डी.ओ.पी. भारत दुबे, भाजपा प्रदेश कार्यकारी समिति सदस्य इंद्रजीत छाबड़ा, प्रतिष्ठित समाजसेवी हनुमान खंडेलवाल, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ उमेश सिंह सागर, डॉ राजेश पांडे, डी.एस.पी. महेंद्र सिंह चौहान, सी.एम.ओ. शहडोल अमित तिवारी, मेडिकल कॉलेज के डॉ. जितेंद्र शर्मा, थाना प्रभारी उमेश्वर ठाकरे, रतनांबर शुक्ला के विशिष्ट आतिथ्य में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
युवा उत्साही समाजसेवी – पुरुषोत्तम दास गुप्ता, विनय सिन्हा, चंद्र प्रकाश गुप्ता, मोहन सोनी तथा उनेक सहयोगियों द्वारा कोरोना योद्धाओं का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यातिथि विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति मुकेश शुक्ला तथा मंचासीन अतिथियों ने कोरोना वायरस के द्वितीय लहर में कोयलांचल क्षेत्र धनपुरी – बुढार में नागरिकों के समक्ष तरह-तरह की उत्पन्न जटिल समस्या में आगे आकर पीड़ित मानवता की सेवा में हाथ बढ़ाने वाले समाज सेवियो, चिकित्सकों, पुलिस, नगर पालिका के कर्मचारियों व स्वच्छता कर्मियों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा गौ सेवकों को कार्यक्रम के मध्य स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यातिथि विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने संबोधित करते हुये कहाकि – कोरोना वैश्विक महामारी के समय चिकित्सकों ने पीड़ितों की हर संभव मदद कर उनके जान की रक्षा ईश्वर की तरह प्रकट होकर की, ऐसे चिकित्सकों के समर्पण को विस्मरण नहीं किया जा सकता।
विधायक श्रीमती सिंह ने कहाकि – देश एवं प्रदेश में कोरोना के दूसरी लहर पर नागरिकों के समक्ष जटिल समस्या उत्पन्न हुई और कईयों ने अपने को खो दिया ऐसे समय पर मदद में हाथ बढ़ाने वालों के स्तुत्य योगदान को एक लंबे समय तक याद किया जायेगा।
विधायक श्रीमती सिंह ने कहाकि – प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाग में मेडिकल कालेज तथा इंजीनियरिंग कालेज की सौगात अर्जित करायी और कोरोना संक्रमण के समय मेडिकल कॉलेज संभाग के साथ-साथ अन्य जिले के नागरिकों के लिये अति लाभकारी रहा तथा चिकित्सकों ने बेहतर चिकित्सीय सुविधा अर्जित करायी।
उन्होंने कहाकि – कोविड से लड़ने जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में एंबुलेंस सब वाहन तथा आवश्यक दवाइयों का भरपूर व्यवस्था शासन स्तर से सुलभ करायी गई।
सम्मान कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति मुकेश शुक्ला ने कहाकि – कोरोना संक्रमण ने हम सभी के समक्ष भयावह स्थिति उत्पन्न कर दी जिससे विश्व विद्यालय भी अछूता नहीं रहा।
कुलपति श्री शुक्ल ने कहाकि – कोरोना योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का प्रशंसनीय निर्णय लिया गया यह सभी के लिये प्रेरणादायी है।
श्री शुक्ल ने कहाकि – कोरोना संक्रमण में जिन परिवार के मुखिया की असमय मृत्यु हुई है, आर्थिक स्थिति से कमजोर ऐसे परिवार के उन छात्रों का विश्वविद्यालय प्रवेश में शैक्षणिक शुल्क मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।
विशिष्ट अतिथि मुख्य महाप्रबंधक शंकर नागाचारी ने कहाकि – कोरोना मानव के लिये एक चुनौती थी जिससे निपटने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिध तथा एस.ई.सी.एल. ने आगे आकर अपनी सहभागिता निभाई।
श्री नागाचारी ने कहाकि – एस.ई.सी.एल. ने सी.एस.आर. मद से 1 करोड़ 26 लाख की संक्रमण के समय मदद की।
उन्होंने कहाकि – एस.ई.सी.एल. के कामगारों ने कोयला उत्पादन में सतत जुड़े रहे और कई कामगारों ने कोरोना वायरस के शिकार होकर अपने प्राण गवाये।
विशिष्ट अतिथि डॉ राजेश पांडे ने कहाकि – जब-जब विपदा आई है समस्यायें उत्पन्न हुई है।
आपदा के समय स्वास्थ्य विभाग पर जिम्मा रहा जिसे बखूबी निभाने स्वास्थ्य अमला तत्पर रहा जिसमें शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का भरपूर सहयोग रहा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजन समिति के मोहन सोनी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुये अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र शर्मा ने किया आभार प्रदर्शन सी.एम.ओ. रविकरण त्रिपाठी ने सभी के प्रति व्यक्त किया।सम्मान कार्यक्रम में प्रतिष्ठित नागरिक – पवन चमड़िया, मो. आजाद, विनोद शर्मा, डॉ आर.के. वर्मा, डॉ सचिन कारखुर, विकास सिंह, शशिधर अग्रवाल, सुभाष गुप्ता उपस्थित रहे।



