किसानों की समस्याओं का जल्द होगा समाधान।

किसानों की समस्याओं का जल्द होगा समाधान।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किया आह्वान।
जबलपुर। किसानों की समस्याओं को लेकर, जिसे देखो वही अपनी राजनीति चमकाने में लगा है। लेकिन जमीन पर उतर कर देखा जाए। तो उनकी समस्या जहां की तहां है। कभी अन्नदाता समर्थन मूल्य पर कमीशन देकर लुटते हैं। तो कभी खाद बीज के नाम पर लुटते हैं। लेकिन फिर भी हकीकत में ये समस्याएं, जहां की तहां बनी रहती है। देश का गैर राजनीतिक संगठन राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की आज महाकौशल प्रान्त की जिले , प्रान्त व प्रदेश की कार्यकारिणी की औपचारिक बैठक यहाँ सम्पन्न हुई । राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने बैठक में किसानी कार्य व उनकी समस्याओं पर बात की। उनका समाधान कैसे करना है उसकी जानकारी कार्यकर्ताओं को दी? प्रान्त के 14 जिलों से पदाधिकारी उपस्थित रहे । सभी ने एकमत होकर वर्तमान में देश के हालात पर चर्चा की। जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर प्रस्ताव पारित हुआ। प्रदेश अध्यक्ष रविदत्त सिंह ने कहा कि महासंघ के सभी जिलों के पदाधिकारियों ने, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में सहभागिता के लिए अधिक से अधिक संख्या में जाने का संकल्प लिया है। देश की संसद में मानसून सत्र चल रहा है लेकिन सांसदों के द्वारा किसानों का पिछले एक वर्ष से चल रहे आंदोलन पर जनवरी के बाद से कोई चर्चा नहीं की गई। समय समय पर विरोधाभासी बयान जारी कर किसान आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास जरूर हुए हैं। महामंत्री धनसिंह ने कहा कि देश की संसद के बाहर जंतर मंतर पर किसान अपनी संसद चला रहे हैं। जिसमे उन्होंने किसान अध्यादेश को समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। देश के जन जन तक किसानों की सच्ची कहानी को लाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। क्योंकि सरकार व सरकार की मीडिया किसानों को बदनाम करने के लिए झूठी खबरों का सहारा ले रहे हैं। दीपक पचौरी ने आगे पत्रकार वार्ता में बताया कि सरकार किसान आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए किसान नेताओं को दिल्ली में गिरफ्तार कर रही है। दिल्ली में राष्ट्रीय किसान महासंघ के प्रमुख किसान नेता एवम सैंकड़ों किसानों ने दिल्ली में जंतर मंतर पर कृषि अध्यादेशों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बैठक में ये फैसला लिया गया कि 3 कृषि अध्यादेशों से किसानों को होने वाले नुकसान को गाँव-गाँव में जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा। दौरा किया जाएगा एवं किसानों व युवाओं को कृषि अध्यादेशों व रोजगार के विषय में जागरूक किया जाएगा। यह भी किसान नेताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है सरकार इनके ऋण माफ कर सकती है लेकिन किसानों के नहीं ऐसा क्यों ?
पत्रकार वार्ता व बैठक में देवेंद्र शुक्ला , शुभम दुबे, राजेश सोलंकी, अमित पांडे व अन्य सदस्य उपस्थित रहे ।



