आपदा में लूट मचाते निजी अस्पताल और प्रशासन मौन।

एनएसयूआई ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।
जबलपुर। कोरोना काल में आपदा को अवसर बनाने वाले लालची निजी अस्पताल संचालकों और उनके प्रबंधन के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन ने निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। जनसमस्याओं के मध्य नजर प्रशासन का विरोध तेज हो गया है। यदि समय रहते हैं, प्रशासन ने इस और ध्यान नहीं दिया। तो आंदोलन की धार को और तेज किया जाएगा। यह कहना है शहर के कांग्रेसी नेताओं का।
जबलपुर के निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर की जा रही बेतहाशा लूट पर रोक लगाने, सरकारी अस्पतलाओं की अव्यवस्थाओं में सुधार करने एवं मृत मरीजों के आश्रितों को सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर पिछले डेढ़ माह से जारी आंदोलन की श्रृंखला में युवक कांग्रेस-एनएसयूआई एवं नगर कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश सहसचिव रघु तिवारी एवं जिला प्रवक्ता रिजवान अली कोटी के नेतृत्व में तैय्यब अली चौक पर एकत्रित हुए, एकत्रीकरण उपरांत हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया, जिन्हें पुलिस ने बेरीकेटिंग कर रोक दिया, बेरीकेटिंग के पास जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम श्रीमती दिव्या अवस्थी एवं सीएसपी दीपक मिश्रा,अखिलेश गौर कार्यकर्ताओं से बात कर कार्यक्रम को रोकने का भरपूर प्रयास करते रहे, लेकिन कलेक्टर कार्यालय तक जाने की माँग कर रहे कांग्रेसियों पर उग्र होते कार्यकर्ताओं पुलिस ने वाटर केनन एवं लाठी चार्ज किया, जिसमें रिजवान अली कोटी, रघु तिवारी, संदीप जैन, अदनान अंसारी आदि घायल हो गये। कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता हाथों में चूड़ियां लेकर प्रदर्शन में पहुंची थी और वह उसे कलेक्टर को भेंट करना चाहती थीं।
विज्ञप्ति जारी करते हुए संगठन के रघु तिवारी एवं रिजवान अली कोटी ने कहा है कि जिला प्रशासन आम जनता के हित के लिए काग्रेस द्वारा किए जा रहे आंदोलन को लगातार अनसुना कर रहा है, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी निजी अस्पताल अपनी दरों में बेतहाशा बढोतरी कर कोरोना मरीजों को लूटने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के लगातार विरोध के बाद भी जिला प्रशासन अंध-मूक बने बैठा है। पूर्व में संगठन द्वारा अनंत हॉस्पिटल एवं सिटी हॉस्पिटल द्वारा नियम विरूद्ध कोरोना मरीजों से की गई लूट की शिकायत जिला एवं पुलिस प्रशासन को की गई थी, लेकिन कार्यवाही तो दूर उस पर अब तक संज्ञान भी नहीं लिया गया।
संगठन के रघु तिवारी एवं रिजवान अली कोटी ने कहा है कि जब निजी अस्पताल बेतहाशा लूट मचाये हुए हैं तब युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई जिला प्रशासन से यह मांग करती आ रही है कि भोपाल एवं इंदौर की तर्ज पर जबलपुर के निजी अस्पतालों को अधिकृत कर न्यूनतम दरों पर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था की जाये । साथ ही जबलपुर के सरकारी मेडिकल एवं विक्टोरिया अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेण्डर की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता, डॉक्टर्स एवं नर्स की नियुक्ति की जाये, साथ ही कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कार्यरत कर्मचारियों को हैण्ड ग्लब्स, पीपीई किट आदि सुविधा मुहैया कराई जाये।
नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा है कि युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई के जनहितैषी आंदोलन से अपनी फजीहत होता देख जिला प्रशासन ने एक नया षड़यंत्र शुरू किया है, जिसमें कोरोना मरीजों की संख्या को प्रतिदिन कम दिखाने एवं स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि इस षड़यंत्र की असल सच्चाई यह है कि पूर्व के मुकाबले वर्तमान में कोरोना की जांच जिला स्तर पर कम कर दी गई है, जिसके कारण कम जांच पर कम पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हो रही है साथ ही जिला प्रशासन निजी अस्पतालों एवं निजी लैबों में होने वाली पॉजिटिव जॉच रिपोर्टों एवं मृत मरीजों की संख्या को भी रोजाना जारी होने वाले हैल्थ बुलेटिन में शामिल न कर पॉजिटिव मरीजों एवं मृत मरीजों की संख्या कम दर्शाकर शहर को दिगभ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।
संगठन पदाधिकारियों की मांग है कि जिला प्रशासन निजी अस्पतालों को अधिग्रहित कर न्यूनतम दरों पर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था करे , साथ ही सरकारी अस्पताल में मरीजों एवं कर्मचारियों को आवश्यक जीवन रक्षक संसाधन एवं सुविधाएं मुहैया कराई जायें तथा कोरोना से मृत होने वाले मरीजों के परिजन को सरकारी नौकरी एवं आर्थिक सहायता दी जाये। यदि जिला प्रशासन ने युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई की इस मांग पर विचार नहीं किया तो अब जबलपुर बंद का आव्हान किया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव, शशांक दुबे, सतीश तिवारी, केन्ट बोर्ड उपाध्यक्ष चिन्टू चौकसे, पार्षद जतिन राज, झल्लेलाल जैन, टीकाराम कोष्ठा, पारस जैन, खुर्शीद अंसारी, आरिफ बेग, अमरीष मिश्रा, राजेश यादव, अमरचंद बावरिया, गुड्डू नबी, शमीम अंसारी, आसिफ इकबाल, अशरफ मंसूरी, रामदास यादव, सागर शुक्ला, राहुल रजक, बादल पंजवानी, अमित पंडित, कपिल भोजक, डब्बू ठाकुर, विक्रम सिंह, अचलनाथ चौधरी, संदीप जैन, अरशद अली, आन्द्रियास मसीह, देवकी पटेल, मामूर गुड्डू, शाहनवाज अंसारी, अदनान अंसारी, एजाज अंसारी, हरि गोविंद कौरव, निशा ओक्षा, सैमूएल जेबिअर, वकार मिर्जा, अशुल प्रजापति, एहसान अंसारी, मोहम्मद शफी, इमरान अब्बास, सादाब मस्तान, चंचल सेन, कादरी साहब, फेजान सिद्दीकी, अजय बेन, संदीप जैन, मालती सुमन, परवीन खान, जानकी देवी विश्वकर्मा, इंदू सोनकर, कमला चौहान, कहकसा अंजुम, आयूष चौधरी, आदि उपस्थित थे।



