लोगों की जमा पूंजी पर पोस्ट ऑफिस में डला डाका।

लोगों की जमा पूंजी पर पोस्ट ऑफिस में डला डाका।
महीनों से भटक रहे हैं पीड़ित ग्रामवासी।
जबलपुर। जमाना सचमुच बदल गया है और इंसान ने बड़ी तरक्की कर ली है कभी वक्त था जब बैंक के ग्राहक डिफाल्टर घोषित होते थे आज वक्त आ गया है कि बैंक भी डिफाल्टर घोषित हो रही हैं यस बैंक और पीएमसी बैंक के ग्राहक अभी अपने बैंक की सेवाओं के चलते परेशानी झेल ही रहे थे और ग्राहकों का बचा कुचा भरोसा पोस्ट ऑफिस पर था लेकिन अब वह भरोसा भी दांव पर लग गया है।
यह मामला है बरगी के निकट निगरी गांव का। जहां करीब तेरा सौ खातों में जमा 80 से 90 लाख रुपया हवा हो गया। पैसा जमा करने वाले ने, लोगों से रुपया तो ले लिया और उनकी पासबुक पर पैसा भी चढ़ा दिया। लेकिन उस पैसे की एंट्री, कंप्यूटर पर नहीं की। लिहाजा लोग जब पोस्ट ऑफिस अपना पैसा वापस लेने के लिए पहुंचे। तो किसी के खाते में ₹5 निकले, तो किसी के खाते में इससे भी कम राशि निकली। जबकि उनकी पासबुक में हजारों रुपए में यह राशियां दर्ज हैं। इस बात की शिकायत जब उन्होंने पोस्ट विभाग के अधिकारियों से की,तो अधिकारियों का कहना था। कि वह जांच कर रहे हैं और विगत 10 महीने से जांच ही चल रही है। लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई के लिए तरस रहे हैं। कोविड-19 के इस कठिन समय में, जहां आम आदमी एक एक पैसे के लिए तरस रहा है। वही आम आदमी के पैसों के लुटेरे, दोनों हाथों से लूटने पर आमादा हैं। बड़ा सवाल ये उठता है कि, जनता की गाढ़ी कमाई के यह लुटेरे, अगर जिम्मेदार और सरकारी विभागों में बैठे हों। तो फिर जनता किस पर भरोसा करेगी?
उम्मीद है जिम्मेदार अधिकारी, इन ग्राम वासियों की शिकायत पर गौर करेंगे। और जल्द से जल्द उन्हें उनकी मेहनत की पाई पाई वापस हो जाएगी।
सब तरफ से थक हार कर, आखिरकार ग्राम वासियों ने, आज कलेक्टर कार्यालय में, जन सुनवाई के दौरान,अपनी व्यथा सबके सामने रखी। इस दौरान रजनीश ठाकुर, लोक राम पटेल, कमल रानी बाई, रवि झारिया,विपिन श्रीपाल, जितेंद्र पटेल,संजय पटेल, रितेश पटेल, रीना टेकाम, रेवती बाई गौंड़ के साथ और भी ग्रामवासी मौजूद थे।



