पूंजी लागत के आधार पर सरकार तय करे उत्पादन के लाभकारी मूल्य

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो।लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य तय करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। बताया गया कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुये सम्पूर्ण देश के 500 से अधिक जिला केंद्रो में शांतिपूर्ण धरना व प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टरों को ज्ञापन पत्र भी सौंपे गए हैं। देशव्यापी किसान आंदोलन की महत्वपूर्ण बात यह है कि सारे देश में धरना प्रदर्शन हुआ, लेकिन कहीं भी प्रशासन से किसी भी प्रकार की कोई हिंसा या टकराव नहीं हुआ,साथ ही किसान आंदोलन पूर्ण रूप से गैर राजनैतिक रहा, किसी भी राजनैतिक दल के नुमाइंदो को आंदोलन में प्रवेश नहीं दिया गया था। सौंपे ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार देश के किसानों की लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य तय करने पर विचार करें। भारतीय किसान संघ ने कहा कि दस दिवस में यदि कोई कार्यवाही हमारी मांगों पर नहीं की गई, तो किसान संघ आंदोलन के अगले चरण की ओर बढ़ेगा। देशभर में प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की गई कि किसान को उसकी उपज का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए। किसानों का मानना है कि देश में लगातार मूल्यों की वृद्धि हो रहे हैं, जबकि किसानों को लागत पूंजी के आधार पर उचित दाम नहीं मिल पाते।
कृषि आदान व्यापार से लाभ, परंतु किसानों को नुक़सान
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पत्र में भारतीय किसान संघ ने कहा कि कृषि आदान पूर्तिकर्ता व्यापारी, उद्योग चलाने वाले संस्थान सहित सभी लाभ कमा रहे है। लेकिन अन्न उत्पादन करने वाला गरीब किसान गरीब से और गरीब होता जा रहा है। बताया गया कि बाजार भाव व न्यूनतम समर्थन मूल्य में सैकड़ों रूपयों का अंतर है। हाल यह है कि किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी न मिलने के कारण उसे लगातार हानी हो रही है। किसानों को उत्पादन में लगी लागत तक किसानों को नहीं मिल रही।भारतीय किसान संघ ने भारत सरकार के मुखिया को सुझाव दिया कि देश में उत्पादन बढ़ाने की बजाय किसान की आय बढ़ाने व कृषि लागत कम करने की नीति पर काम करना चाहिए। मांग की गई कि सम्पूर्ण देश के सभी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की बजाय लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिया जाना चाहिए, मंहगाई के अनुपात में न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया जाए। मांग की गई की लागत के आधार पर मूल्य घोषित हो, चाहे वह मंडी के बाहर हो या फिर मंडी के अंदर सरकार किसानों के उत्पादन को खरीदे साथ ही सार्थक कानून बनाए। ज्ञापन के दौरान संयोजक बिहारी लाल साहू, सदस्य गेंदलाल मार्को, कृष्ण कुमार साहू, तरुण कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



