नगर निगम को लग रहा चूना, कर्मचारी घर बैठे बहा रहे हैं पसीना।

मध्य प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ ने जारी की विज्ञप्ति।
जबलपुर। नगर निगम की अनियमितताओं का पिटारा तो जब तक खुलता रहता है। जब भी पिटारा खुलता है तो एक हड़कंप मचा है। इसके बाद क्या होता है और क्या नहीं इसका पता नहीं चल पाता। बात आई गई हो जाती है। ताजा मामला है उन बाबुओं और कर्मचारियों का जो घर में बैठे-बैठे पगार ले रहे हैं। इस बात की जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मध्य प्रदेश कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष शशिकांत राणा ने दी। उन्होंने बताया कि
मध्य प्रदेश सफाई कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर निगम कमिश्नर एवं जिला कलेक्टर सहित संभागीय आयुक्त से मांग की है कि जबलपुर शहर नगर निगम के अंतर्गत नाम मात्र के लिए कार्य कर रहे कर्मचारी एवं बाबूओं की ऐसी कॉफी संख्या है जो नगर निगम को बट्टा लगा रहे हैं एवं घर बैठे पगार कई वर्षों से पा रहे हैं ऐसे कर्मचारियों एवं बाबू की कामना करने से अन्य कर्मचारी जो इमानदारी से अपने कार्य को अंजाम देते हैं उन पर न सिर्फ अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है
बल्कि अतिरिक्त कार्य करने से अन्य रोगों से वह ग्रसित भी हो रहे हैं।
अकारण घर बैठकर पेमेंट पा रहे बाबू एवं कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग के साथ मध्य प्रदेश सफाई कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष शशिकांत राना ने यह भी मांग की कि, इस तरह के कर्मचारियों एवं बाबू पर कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें काम से बाहर किया जाना चाहिए, ताकि उनके बदले शिक्षित बेरोजगारों को एवं जरूरतमंदों को रोजगार मिल सके | जो लोग वर्षों से घर बैठकर पगार पा रहे हैं उन पर
धोखाधड़ी का मामला भी पंजीकृत किया जाना चाहिए ,इस मांग को लेकर एक अभियान मुक्त खोरों के खिलाफ चलाया जाएगा, विज्ञप्ति में बताया गया कि मुक्त खोरों को हमारे इस अभियान से तकलीफ होना शुरू हो गई है, जबकि उनके बदले काम कर रहे कर्मचारी एवं बाबू इस अभियान से बेहद खुश हैं।



