विद्युत विभाग की तानाशाही के चलते,अंधेरे में रहने को मजबूर पथरोरा ग्रामवासी

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता पाटन। एक बार फिर विद्युत विभाग की तानाशाही का ताजा मामला पाटन तहसील के गांव पथरोरा से निकलकर सामने आया है जहां पर 2 दिन से पूरे गांव की बिजली डी-ई नीरज कुचिया,एवं जेई दर्शिका डंबरे के निर्देशन पर कटवा दी गई प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि ग्राम के कुछ परिवारों का एक हजार से लेकर 500 सौ के आसपास बिल बकाया है एवं कुछ परिवारों का पूर्ण रूप से बिल चुकता है किंतु अधिकारियों के निर्देशन पर पूरे गांव की ही लाइट कटवा दी गई जब इस बारे में जेई मैडम से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा मो रिसीव नही किया एवं विभाग से ही जानकारी प्राप्त हुई है। गाँव वालों के द्वारा करीब 8-10 लोगों ने 15 हजार के आस पास बिल जमा कर दिया है। इसी बारे में जब ग्राम पथरोरा के आम जनता से बात की गई तो उनका कहना था हम पाटन विधुत विभाग की अघोषित बिजली कटौती और अनाप-शनाप बिल से सभी त्रस्त है। समय पर अधिकारी फोन नहीं उठाते। जिसको लेकर आए दिन बिजली ऑफिस का खेराव एवं आंदोलन प्रदर्शन होता रहता है। ग्रामीणों का कहना है। पाटन विधुत विभाग के साहब की रिश्तेदारी प्रदेश के किसी बड़े नेता विधायक से है इसलिये इनकी कितनी भी शिकायत करो कुछ नही होता है। 2 दिन से लाइट बंद है अगर बिजली पुनः सुचारु रुप से चालू नहीं की जाती तो वह अपने प्रदेश के मामा जी से आग्रह करेगे की आप स्वयं आकर हमारे गाँव की लाईट जोड़ दे और यदि हमारे प्रिय मामा जी नही आते हैं तो हम स्वयं बिजली जोड़ने का कार्य करेंगे इस दौरान अगर कोई भी अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार संबंधित विभाग और अधिकारी रहेंगे। जबकि पूरे जिले में इस समय विशाल मेगा डिस्कनेक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कनिष्ठ अभियंता,लाइनमेन,एवं समस्त विद्युत स्टाफ की सामूहिक टीम बनाकर बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं की लाइन काटी जा रही है। उपभोक्ताओं को यह भी निर्देश दिया गया कि यदि बिना विद्युत बिल जमा किये किसी भी उपभोक्ता की विद्युत लाइन जुड़ी पाई गई तो उसका प्रकरण बनाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। लेकिन जिनके बिल जमा है। उनकी लाईट क्यों काटी जा रही हैं यह समझ से परे है कहो तो कह दूँ “अंधेरे में छाया, बुढ़ापे में काया और अपनों की माया” जिसके कारण पाटन तहसील के विद्युत उपभोक्ता अपनो के कारण आय दिन परेशान होते रहते है।



