आए दिन घाट पर हो रहे भीषण सड़क हादसे, प्रशासन नहीं ले रहा सबक

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिला मुख्यालय डिंडोरी व जनपद मुख्यालय समनापुर को जोड़ने वाली बहू उपयोगी सड़क मार्ग मैं किकरझर घाट हादसों का अड्डा बनता जा रहा है, जहां आए दिन हादसे होते ही जा रहे हैं, गौरतलब है कि तेज रफ्तार वाहन चलाना व अंधा मोड़ हादसे का कारण बन रहा है। बताया गया कि मार्ग में घाट शुरू होने व घाट समाप्ति होने संबंधी कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए गए, जिससे वाहन चालकों को आने वाली सड़क मार्ग के बारे में एहसास नहीं होता, जो हादसे का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि मार्ग पर हर दो दिन में वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं, बावजूद शासन प्रशासन दर्जनों हादसों के बाद कोई सबक नहीं ले रहा। मार्गो को दुरुस्त करवाने या मार्गों पर सांकेतिक बोर्ड लगवाने जिम्मेदार अमला ध्यान नहीं दे रहा, जिससे हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अब सामने आने लगी है, जहां शासन प्रशासन को हादसों से सबक लेने की नसीहत दी जा रही है।
सड़क हादसों की वजह से दो घंटे तक रहा यातायात प्रभावित – जानकारी में बताया गया कि समनापुर होते हुए बिछिया मार्ग में शनिवार की शाम लगभग एक घंटे से अधिक समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। किकरझर घाट में जानलेवा मोड़ के स्थान पर तीन दिन में एक के बाद एक तीन बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। शुक्रवार को धान से भरा ट्रक मोड़ में अनियंत्रित होकर पलट गया था, शनिवार की शाम जब क्रेन से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को निकाला जा रहा था, उसी दौरान धान लोड दूसरा ट्रक जो डिंडौरी से पूना की ओर जा रहा था, उसने क्रेन को जोरदार टक्कर मार दी। दो ट्रक के बीच मुख्य मार्ग में क्रेन भी फंस गई, जिससे मार्ग में शाम साढ़े चार बजे से आवागमन ठप हो गया, दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लग गया। छोटे वाहन तो किसी तरह निकालने की व्यवस्था की गई, लेकिन बड़े वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहे, देर शाम एक और क्रेन मंगाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रक क्रमांक यूपी 32 जेएन 1881 का चालक जैसे ही मोड़ के पास पहुंचा, वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक केन से टकरा गया। स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों में किकरझर घाट में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की थी कि घाट में सड़क का घुमाव कम करते हुए घाट काटा जाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से आए दिन दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। खतरनाक मोड़ में वाहन चलाने के लिए अभ्यस्त नहीं है, वे मोड़ में वाहन पर नियंत्रण खो देते हैं। थाना प्रभारी समनापुर ने बताया कि इस संबंध में विभागीय स्तर से समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखे गए हैं, इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।



