कांग्रेस ने पुलिस पर उठाए सवाल, महीने भर से लापता है नाबालिक बच्चा

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। डिंडोरी के आदिवासी बाहुल्य जिले में गरीब तबके की विशेषकर आदिवासी लड़कियों के गायब होने की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। मामला तब और भी गंभीर हो जाता है जब लड़की की उम्र मात्र 13 साल हो। गौरतलब है कि बजाग थाना अंतर्गत ग्राम नीमटोला में अपने नानी के घर रहने आई एक नाबालिक बालिका पिछले एक माह से अधिक समय से गुमशुदा है। परिजनों के बजाग थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक ऑफिस के चक्कर लगाने के बाद भी लड़की के बारे में कोई ठोस जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है। बताया गया कि ग्राम बिठलदेह थाना करंजिया निवासी तेरह वर्षीय पुत्री अपनी नानी के यहां तीज त्योहार के पूर्व रहने आई थी, लेकिन तीजा के तीन दिन पूर्व वो अचानक घर से लापता हो गयी। परिजनों ने बजाग थाने में 13 सितंबर को की थी, जिस पर पुलिस ने धारा 363 के तहत अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया था, इसके बाद पुलिस बच्चे की पतासाजी करने को ठोस प्रयास नहीं कर रही। परिजनों को खबर मिली की विक्रमपुर में फागूदास के घर पर रहने वाले बिछिया जिला मंडला निवासी मनीष नामक लड़के के द्वारा लड़की को बहला फुसलाकर लेजाया गया है। उनके घर जाकर पूछने पर फागू दास एवं उनके घर के लोगों ने लड़की के परिजनों को डांट डपट कर भगा दिया। साथ ही फागू दास के परिजनों ने लड़की की माँ को धमकाया भी की लाखों रुपये खर्च कर दोगे फिर भी लड़की नहीं मिलेगी। जिसके बाद 18 सितंबर को पुनः पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लड़के के विरुद्ध नामजद शिकायत की गई। बावजूद ना तो पुलिस ने लड़के के बारे में जानकारी जुटाने और ना ही रिश्तेदारों से कड़ाई से पूछताछ की, मामला जो भी हो लेकिन एक 13 साल की बालिका का इस तरह गुम होना बेहद संगीन है।
बजाग पुलिस ने उल्टा पीड़ित को ही बुला लिया थाने :- बताया गया कि डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी लड़की के ना मिलने से परिजनों के मन मे तरह तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर जब इसकी जानकारी ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष लोकेश पटेरिया को लगी तो वे परिजनों और काँग्रेस जिला कार्यवाहक अध्यक्ष भागवत ठाकुर, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपचन्द पूषाम सहित अन्य कार्यकर्ता नीमटोला के ग्रामीणों को साथ लेकर थाना बजाग पहुँचे, जहां काफी देर तक हंगामा होता रहा, बाद में नव पदस्थ थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया। लोकेश पटेरिया ने बताया कि इस क्षेत्र से लगातार आदीवासी बच्चों का लापता होना चिंता का विषय है। हम देख रहे हैं कि शिवराज सरकार में आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं, ऊपर से डेढ़ माह से बजाग थाना प्रभारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जबकि कानून व्यवस्था सब चौपट है। अब नए थाना प्रभारी धीरज राज से अतिशीघ्र बालिका को ढूंढने की मांग की गई है। ज्ञापन के दौरान जिला संगठन मंत्री मायाराम परस्ते, मजदूर कांग्रेस ब्लॉकध्यक्ष भुनेश्वर सोनी, आदिवासी काँग्रेस ब्लॉकध्यक्ष सुरेश मरावी, जिला महासचिव कमलेश पाठक, मुकेश मरावी, आशीष पाटिल, उत्तम ठाकुर, अमित भदौरिया, ओमप्रताप ठाकुर, अंकित ठाकुर, कल्लू धुर्वे, अर्जुन बोरकर, जोहन आर्मो, सहित अन्य कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।



