भगवान सहस्त्रबाहु जी की मनाई जयंती, 14 को होगे विभिन्न आयोजन।

गाडरवारा। भगवान सहस्त्रबाहु जी का प्रगट उत्सव कार्तिक शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाया जाता है। सहस्रार्जुन जी की कथाएं, महाभारत एवं वेदों के साथ सभी पुराणों में प्राय: पाई जाती हैं। चंद्रवंशी क्षत्रियों में सर्वश्रेठ हैहयवंश एक उच्च कुल के क्षत्रिय हैं। महाराज कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) जी का जन्म कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को श्रावण नक्षत्र में प्रात: काल के मुहूर्त में हुआ था। वह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के द्वारा जन्म कथा का वर्णन भागवत पुराण में लिखा है। अत: सभी अवतारों के भांति वह भी भगवान विष्णु के चौबीसवें अवतार माने गए हैं, इनके नाम से भी पुराण संग्रह में सहस्रार्जुन पुराण के तीन भाग हैं। सहस्त्रबाहु जी का जन्मोत्सव एक पर्व और उत्सव के तौर पर क्षत्रिय धर्म की रक्षा और सामाजिक उत्थान का एक पावन अवसर है। इसी तारतम्य में विगत दिवस कलचुरी कलार समाज ने नगर के झंडा चौक पर भगवान सहस्त्रबाहु जी के तैलचित्र की पूजन अर्चना की एवं समस्त उपस्तिथ जनों को शुभकामनाये देते हुए मिठाई खिलाई गई। एवं आगमी आयोजन 14 नवंबर को उत्सव भवन में आयोजित रहेंगे। जिसमे 12 बजे से कला प्रदर्शन, रक्तपरीक्षण तथा दोपहर 3 बजे से नगर के मुख्य मार्गो से शौर्य यात्रा निकाली जाएगी। शाम 5 बजे से मंचासीन कार्यक्रमों के आयोजन में भगवान परिचय एवं गौरव गाथा,संगठन महत्व,पदाधिकारी परिचय,भविष्य की परिकल्पना,आपसी परिवार परिचय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख रहेंगे। इस अवसर पर कलचुरी कलार समाज के अध्यक्ष नरेंद्र महाराज सिंह राय ने समस्त स्वजातीय बंधुओ से सहपरिवार उपस्तिथि की अपील की है।



