नवनिर्मित सोसाइटी जर्जर, किरायेदार ने घर से निकाला, गरीबों को नहीं मिल रहा राशन

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार लगातार गरीबों के घरों में राशन वितरण करने की योजना बनाने पर जोर दे रही है, योजनाओं का संचालन के लिए जमीनी स्तर पर भी कार्य शुरू हो चुके हैं। तो वहीं दूसरी ओर जिले के समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भाजी टोला गांव के सैकड़ों गरीब परिवार राशन लेने के लिए 2 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर है। स्थानीय ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में तो कुछ वर्ष पहले ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान भवन का निर्माण कार्य करा दिया गया है, लेकिन भवन की गुणवत्ता ठीक ना होने से बिना उपयोग किए ही लाखों का भवन जर्जर हो गया है। बताया गया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए, बिना उपयोग करें ही जिम्मेदारों के द्वारा सोसाइटी का संचालन किराए की भवन से करवाए जाना शुरू कर दिया गया, लेकिन अब मकान मालिक ने राशन दुकान को हटवा कर राशन उतरने से मना कर दिया। गौरतलब है कि मामले के बाद कुछ महीने तक तो गरीबों को राशन ही नहीं मिल पाया, बाद में जैसे तेसे वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गांव से 2 किलोमीटर दूर राशन वितरण करने की योजना बनाई गई, जो अब सवालों के घेरे में है।
लाखों का सोसाइटी भवन, बिना उपयोग के होने लगा खंडहर :- ग्रामीणों के मुताबिक लाखों रुपए का सोसाइटी भवन ठेकेदार के द्वारा कुछ वर्ष पहले ही बनाया गया था, ताकि गांव में ही गरीबों को राशन का वितरण किया जा सके। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार के द्वारा मिलीभगत करते हुए, घटिया स्तर के भवन का निर्माण कार्य करवा दिया गया, जो बिना उपयोग के ही खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। लाखों रुपए खर्च करके बनाई गई घटिया किस्म की भवन से 1 दिन भी उपयोग नहीं किया गया। गौरतलब है कि सुविधाओं के बाद भी ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब एक बार फिर ग्रामीणों की वही दूगनी परेशानी फिर से बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गांव के ही मकान मालिक राजेश ठाकुर के निजी घर से राशन संचालित हो रहा था। उल्लेख है कि कुछ दिन पहले ही पंचायत के सरपंच व स्थानीय ग्रामीणों ने मकान मालिक राजेश ठाकुर के द्वारा किसान सम्मान निधि में की गई धोखाधड़ी व फर्जी किसानों के नाम पैसे हड़पने के आरोप मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी। बताया गया कि इसी बात की रंजिश रखते हुए मकान मालिक राजेश ठाकुर ने राशन दुकान को अपने निजी मकान से हटवा दिया गया, जिससे कि गांव में राशन वितरण का कार्य प्रभावित हो सके।



