डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

वन विभाग की निष्क्रियता से कट रहे सैकड़ों हरे भरे वृक्ष

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। शासन प्रशासन द्वारा वृक्ष बचाने हरीयाली लाने के तमाम प्रयास कर रही है, संरक्षण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च भी शासन प्रशासन द्वारा किए जाते हैं। गौरतलब है कि हर साल जंगलों में करोड़ों रुपए खर्च कर वृक्षारोपण भी कराए जाते हैं, ताकि वनों को संरक्षित किया जा सके तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके, बावजूद हरे भरे वृक्षों को हर रोज सैकड़ों की तादाद में कत्लेआम किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इन दोनों दर्जनों गांवों में अवैध रूप से जंगलों से लकड़ी की कटाई ग्रामीण महिलाएं कर रहीं हैं, जबकि वन विभाग की कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक ही सीमित है, यही कारण है कि ग्रामीण महिलाएं सहित पुरूष धड़ल्ले से जंगलों से लकड़ी की कटाई कर रहे हैं, जबकि इन्हें रोकने जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। बताया गया कि प्रशासन द्वारा वनों की रक्षा करने के लिए वन रक्षकों की हर इलाके में बकायदा तैनाती की गई है, जिनका काम क्षेत्र की वनों की देखरेख करना है, लेकिन वन रक्षकों की निष्क्रिय कार्यप्रणाली के चलते धड़ल्ले से वनों की कटाई क्षेत्र में जारी है। जानकारी अनुसार दर्जनों की तादात में ग्रामीण महिलाएं वनों की कटाई कर रहे हैं, जबकि वन रक्षक सहित गांवों में वन समिति भी बनाई गई है, ताकि वनों की सुरक्षा व्यवस्था व उचित देखरेख हो सके। देखरेख नहीं कर पाने के कारण क्षेत्र में जंगलों से अवैध लकड़ी की कटाई की जा रही है, बावजूद जिम्मेदारों द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल लकड़ी, कुल्हाड़ीओं को जब्त लिया जाता है, जिस कारण क्षेत्र की महिलाएं हर वर्ष वनों की कटाई के लिए सक्रिय हो जाती है। आरोप लगाया गया कि महिलाओं द्वारा जंगलों से अवैध रूप से जब्त लकड़ियों को महंगे दामों में बेचकर लाभ कमाने का धंधा जिम्मेदारों द्वारा बना लिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें जिले के विभिन्न परिक्षेत्रों में लकड़ी बेचने का काला कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है, जहां ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कारवाही की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page