प्रदेश सरकार की बनी गौशाला में भूखी प्यासी मर रही गौमाता

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता कटनी। मध्यप्रदेश सरकार ने गायों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर जिले व ग्राम पंचायतों में लाखों रुपए की लागत से गौ शालाओं का निर्माण कराया है। जब भी गायों की सुरक्षा व्यवस्था की बात आती हैं तो न जाने सुरक्षा प्रदान करने वाले तथा उनकी सेवा करने वाले लोग दिखाई नहीं देते हैं। जबकि हिन्दू धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है कई राज्यों में तो गाय की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़े बड़े फॉर्म हाउस बनवाये गए हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने तो हर जिले से लेकर ग्राम पंचायतों में एक गौशाला का निर्माण किया है। वहीँ इनकी देख रेख करने हर पंचायत के साथ साथ महिला स्वसहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई हैं। फिर भी इतनी बड़ी लापरवाही, जवाबदार व्यक्ति कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
ताजा मामला कटनी जिले के ग्राम छहरि सरकारी गौशाला का प्रकाश में आया है। गौशाला में दो दो गाय मृत पाई गई है। और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। जब इस घटना की जानकारी हमारे रिपोर्टर ने उनसे लेनी चाही तो उनके फोन नहीं उठे। स्थानीय लोगों के साथ साथ गौरक्षा कमांडो की जिला अध्यक्ष अमिता श्रीवास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक दिन पहले हमारे पास गौशाला की जानकारी प्राप्त हुई थी। आज हम सभी ने इस गौशाला में आकर देखा तो यहाँ की व्यवस्था बड़ी दानीय थीं यहाँ न तो पशुओं के लिए पानी था न ही खाने को चारा। देख रेख करने वाले दारु पी कर करते हैं विवाद, स्वःसहायता समूह की महिलाओं के द्वारा संचालित की जानी थी। जिसके हाल कुछ इस प्रकार नजर आये । स्थानीय लोगों ने गौरक्षा कमांडो फोर्स की टीम को सूचना दी जिस पर गोरक्षा टीम निरीक्षण करने पहुंची ग्राम छहरि। टीम ने मकर संक्रांति के दौरान सभी उपस्थित गौ माताओ का आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें हरा चारा खिलाया गया। साथ ही व्यवस्थाओ को लेकर चिंतित भी हुई। वहीँ मृतक गायों को पास ही डिस्पोज कराया गया।



