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त्रिस्तरीय पंचायतों की प्रशासकीय समितियों के अधिकार बहाल

मुख्‍यमंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए समितियों को सौंपी जिम्मेदारी

भोपाल। शिवराज सरकार ने एक बार फिर ग्राम, जनपद और जिला पंचायतों में पूर्व सरपंच और अध्यक्षों की प्रशासकीय समितियों को अधिकार लौटा दिए हैं। अब समितियों के अध्यक्ष और अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खातों का संचालन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को संबोधन के दौरान अधिकार लौटाए जाने की घोषणा की। साथ ही यह भी कहा कि जिस समिति ने इसका दुरुपयोग किया, उससे अधिकार वापस ले लिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए समितियों को प्रभावी भूमिका भी निभानी होगी। संक्रमितों की पहचान, टीकाकरण में स्वास्थ्य अमले का सहयोग, कोविड केयर सेंटर की निगरानी व्यवस्था भी देखनी होगी।

त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव निरस्त होने के बाद चार जनवरी को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पुरानी व्यवस्था बहाल करते हुए प्रधान (पूर्व सरपंच) प्रशासकीय समिति को वित्तीय अधिकार दे दिए थे। एक दिन बाद छह जनवरी को एकाएक यह अधिकार वापस ले लिए गए। इसको लेकर पूर्व सरंपचों के साथ जनपद व जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्षों ने आपत्ति जताई। कई जगहों पर विरोध हुआ और ज्ञापन दिए गए। कोरोना नियंत्रण में त्रिस्तरीय पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को समिति के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी पांच साल के लिए निर्वाचित हुए थे। पंचायत चुनाव में विलंब हुआ तो प्रशासकीय समिति बनाकर हमने दायित्व सौंपा। अब फिर पंचायत चुनाव में व्यवधान आया है। लोकतंत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होता है। इसी भाव से प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष व सदस्य को फिर से अधिकार सौंपने का निर्णय लिया है।

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