खास खबरजबलपुर दर्पणमध्य प्रदेशसिहोरा दर्पण

हिरन नदी के जीर्णोद्धार अभियान की शुरूआत:जनभागीदारी बैठक में जनप्रतिनिधि व प्रशासन ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय

जबलपुर दर्पण/नगर संवाददाता। सिहोरा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सिहोरा नगर की जीवन रेखा व लाखों की आबादी को जीवन प्रदान करने वाली हिरन नदी के पुनर्जीवन अभियान के अंतर्गत शनिवार को जीवनदायिनी का जीर्णोद्धार जनभागीदारी से किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी प्रशासक आशीष पांडे द्वारा स्थानीय रेस्ट हाउस सिहोरा में बैठक के दौरान कही विधायक नंदनी मरावी के मुख्य अतिथि एवं अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा की अध्यक्षता एवं एसडीओपी सिहोरा के विशिष्ट आथित्य में आयोजित की गई। “आओ मिलकर करें नगर विकास” कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम में नगर के सर्वांगीण विकास हेतु आम जनों से सुझाव आमंत्रित किए गए, जिसमें बाह्य नाला का विकास, खेल मैदान का विकास नगर के चौराहों का सौंदर्यीकरण जलाशयों का सुंदरीकरण सहित नगर की अन्य प्रमुख यातायात जल निकासी सड़क नाली का निर्माण प्रकाश व्यवस्था आदि समस्याओं पर प्रस्ताव प्राप्त हुए। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नंदनी मरावी ने कहा कि नगर की बहुप्रतीक्षित मांग सार्वजनिक पार्क का निर्माण 1.124 हेक्टेयर भूमि पर निकाय की संचित निधि से 110.03 लाख ₹ से कराया जा रहा है इसके अलावा मुख्य मार्ग की सेंट्रल लाइटिंग हेतु 5 करोड़ राशि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जिसे शीघ्र मंजूरी मिल जाएगी। इसी प्रकार गंदे पानी की निकासी हेतु नगर में दो बड़े नालों का निर्माण भी स्वीकृत किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी आशीष पांडे ने बताया कि नागरिकों से प्राप्त प्रस्ताव नगर हित में है। जिनका क्रियान्वयन भी हम सबको मिलकर करना है।
200 फुट का घाट, 25 फुट का बचा कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर की जीवनदायिनी हिरण नदी का घाट प्रशासनिक उपेक्षा के चलते लगातार जीर्ण शीर्ण होता जा रहा है। 200 फुट लंबा घाट वर्तमान में मात्र 25 फुट का रह गया है। जिसके चलते अनेक धार्मिक कार्यक्रम छठ पूजा माघ स्नान आदि में धर्म प्रेमियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। स्थानी जनों की मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रशासक आशीष पांडे ने बताया कि कैसे और क्यों हमारे बुजुर्गों ने इन सरोवरों की स्थापना की थी। आज इनके जलागम के मार्ग अवरुद्ध हैं तो निश्चित ही कहीं अतिक्रमण या जल के मार्ग को बदला गया होगा, इसीलिए सरोवर नदी आदि में पर्याप्त मात्रा में जल नहीं पहुंच पाता। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में रहे, खेत का पानी खेत में रहे, ऊंचाई का पानी भूगर्भ में पहुंचे। यह सारे प्रयास हमें जनचेतना को जागृत कर पूर्ण करने होंगे अन्यथा हमारी भावी पीढ़ी  निश्चित जल संकट का सामना करेगी। निश्चित तौर पर नगर की जीवनदायिनी के घाट का जीर्णोद्धार किया जाएगा प्रशासन अमले के साथ उपस्थित रहेगा वही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे भी तन मन से पुण्य कार्य में भागीदार होकर पुण्य लाभ अर्जित करें। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page