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“मझौली”दबंगों ने शासकीय भूमि वं मंदिर पर किया कब्जा:प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाई दबंगई

जबलपुर दर्पण संवाददाता। मझौली के ग्राम पंचायत मोहनिया का है जहां पर कई वर्षों से कृष्ण कुमार दुबे द्वारा मंदिर की भूमि को अपने उपयोग में किया जा रहा है। उस मंदिर की भूमि में लगे मंदिर को भी अपने कब्जे में किया हुआ है मंदिर में किसी प्रकार की राशि जमा नहीं की जाती है। इस भूमि में विगत कई वर्षों से कब्जा किया हुआ है
अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के आदेश कृष्ण कुमार दुबे शासकीय भूमि को अपनी भूमि बता रहा था पंचम कमेटी को सुपुर्द करने का उल्लेख है उक्त भूमि पर वर्तमान में कृष्ण कुमार दुबे द्वारा काश्तकारी की जा रही है। कृष्ण कुमार दुबे मंदिर की संपत्ति को निजी संपत्ति मान रहे हैं जिसके कारण लोगों में रोष व्याप्त है। ऐसी स्थिति में कृष्णकुमार दुबे से 15 वर्षों की आय की जानकारी लेकर मंदिर समिति का गठन किया जाना चाहिए।अनावेदक द्वारा लिखित जवाब खसरा सहित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सूचना तामील उपरांत इस न्यायालय में अनुपस्थित रहा। वर्तमान खसरा अभिलेख वर्ष 2020-21 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि. आवेदित वादग्रस्त भूमि मौजा मुहनिया रा.नि. म. मझौली तह मझौली स्थित भूमि खसरा नबर 191 ,192, 325 रकबा कमशः 0.23, 0.25, 1.36,हे भूमि श्री हनुमान जी मंदिर प्रबंधक कलेक्टर महोदय जबलपुर के नाम में दर्ज है। अनावेदक के द्वारा पक्ष समर्थन में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए जिससे यह सिद्ध होता है कि उक्त भूमि अनावेदक की पैतृक भूमि हैं। अतः तहसीलदार मझौली को आदेशित किया जाता हैं कि आवेदित भूमि को शासकीय अभिरक्षा में प्राप्त कर विधियत अभिलेख संधारित करते हुए फसल बोने हेतु प्रचलित दर पर भूमि नीलाम करें, नीलामी में प्राप्त होने वाली आय से मंदिर की देखरेख,पुजारी की नियुक्ति, पूजा अर्चना, धार्मिक आयोजन की व्यवस्था करें मंदिर में यदि आवश्यक हो तो जीर्णोद्धार आदि कराया जाना सुनिश्चित करें तहसीलदार मझौली द्वारा मौके मैं जाकर देखा गया तो मंदिर में कृष्ण कुमार दुबे द्वारा ताला लगाया गया था जिसमें की ग्राम वासियों को पूजा करने नहीं दिया जाता था जिसके उपरांत तहसीलदार ने ग्राम मुहनिया में स्थित मंदिर एवं भूमि ख०न० 191, 192, 325 मर निरीक्षण किया गया। मौके पर ग्राम कोटवार को कृष्ण कुमार दुबे पिता भन्दलाल बुलाने हेतु भेजा गया। जिस पर उनके द्वारा मौके पर आने से इंकार किया गया। जिसके उपरांत मेरे द्वारा समस्त ग्रामवासयिों की उपस्थिति में मंदिर परिसर का ताला तोड़ा गया । उसके उपरांत कृष्ण कुमार दुबे के पुत्र आशीष अतुल एवं आनंद दुबे के द्वारा मौके पर वाद-विवाद किया गया और कहा गया कि आप को जो करना है कर ले ये मंदिर हमारे बाप का है और हम कब्जा नहीं छोड़ेगे एवं ताला पुनः लगाकर समस्त ग्रामवासियों को पूजन अर्चन से वंचित किया जा रहा है। जिससे ग्राम में शांति भंग होने की शंका व्यक्त जा रही है

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