फरार आरोपियों की सुराग बताने पर अब मिलेंगे नगद बीस हजार रुपए की राशि

बालाघाट ज़ोन डीआईजी अनुराग शर्मा ने जारी की प्रेस इंफॉर्मेशन
डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़ोन डीआईजी एएसपी अनुराग शर्मा ने डिंडौरी कोतवाली, करंजिया, गाड़ासरई और शाहपुर थाने जुड़े मामलों में फरार अज्ञात आरोपियों की सुराग देने वाले व्यक्ति या गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी के लिए नकद ईनाम की घोषणा की है। बताया गया कि प्रत्येक मामले में बीस-बीस हज़ार का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। डीआईजी ऑफिस से जारी प्रेस इंफॉर्मेशन के मुताबिक उक्त चारों थानों से संबंधित धारा 363 के मामले में अपहृता की पतासाजी और अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए डिंडौरी एसपी संजय सिंह ने वर्ष 2020 में ₹3000 व ₹2000 के ईनाम की घोषणा की थी। सभी मामलों में अपहृता और आरोपी की सघन तलाश की गई, लेकिन आज तक उनका पता नहीं चल सका है। लिहाजा प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए बालाघाट डीआईजी ने डिंडौरी एसपी के उक्त ईनामों को निरस्त करते हुए अब प्रत्येक मामले में ईनामी राशि बीस-बीस हज़ार कर दी है। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन 80(ब)1 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए घोषणा की है कि जो व्यक्ति या पुलिसकर्मी उक्त मामलों से जुड़े आरोपी और अपहृता का सुराग देगा या गिरफ्तार करेगा, उसे बीस हज़ार नकद प्रदान किया जाएगा। डीआईजी ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार डिंडौरी कोतवाली के मामले में गुम इंसान क्रमांक 22/19 व अपराध क्रमांक 186/19 दर्ज है। एसपी ने 14 जुलाई 2020 को दो हजार का ईनाम घोषित किया था। करंजिया थाने से जुड़े मामले में गुम इंसान क्रमांक 04/13 व अपराध क्रमांक 11/14 दर्ज है। इसमें एसपी ने 14 जुलाई 2020 को दो हजार का ईनाम घोषित किया था। इसी तरह गाड़ासरई थाने में गुम इंसान क्रमांक 53/13 व अपराध क्रमांक 06/14 दर्ज है और 14 जुलाई 2020 को तीन तीन हजार का ईनाम घोषित किया गया था। वहीं, शाहपुर थाने में गुम इंसान क्रमांक 12/15 व अपराध क्रमांक 174/15 दर्ज है। इसमें SP ने 02 दिसंबर 2020 को ₹3000 नकद ईनाम घोषित किया था। अब सभी मामलों में नकद ईनाम की राशि बढ़ाकर बीस-बीस हजार रुपए कर दी गई है।



