कहां गया…मामा शिवराज सिंह चौहान का बुलडोजर, तेज गती से अवैध निर्माण कार्य जारी

भू-माफिया के खिलाफ नोटिस जारी, न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना
डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। एक तरफ मध्य प्रदेश के शिवराज सरकार भू माफिया व संगीन आरोपियों के अवैध घरों को जमींदोज करने का काम यूपी सरकार की तर्ज पर मध्य प्रदेश में किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं पर अमल होता नहीं दिख रहा। गौरतलब है कि इसी वजह से भू माफिया तेज गति से निर्माण कार्य को करवा रहा है, जिसे रोकने विभागीय अमला कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। बताया गया कि मामले को लेकर समनापुर तहसील न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य बंद कराने संबंधी स्थगन आदेश जारी किए हैं, बावजूद न्यायालयीन आदेशों को न मानकर, भू माफिया मनमानी कर रहा है। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मुख्यमंत्री मामा शिवराज सिंह चौहान का बुलडोजर कहां हैं, जबकि इधर निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है, अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही विभागीय अमला कब और कैसे करेगा।
क्या है पूरा मामला
बताया गया कि भू-माफिया लगातार निर्माण कार्य को तेज गती से पूरा करने के फिराक में हैं। मामले को लेकर समनापुर तहसील न्यायालय के आदेश उल्लंघन मामले में अभी तक ठेकेदार व भू-माफिया के खिलाफ जवाबदेही तय नहीं हुई है। गौरतलब है कि अवैध मकान निर्माण कार्य मामले में समनापुर तहसीलदार द्वारा कुछ दिनों पहले स्थगन आदेश जारी कर निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने के आदेश दिए गए थे। बावजूद स्थानीय ठेकेदार गोविंद सिंह राठौड़ के द्वारा अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए न्यायालय के आदेश की अवमानना सरेआम की गई है। जहां निर्माण कार्य को रूकवाने मौके पर कोतवाली पुलिस व 100 वाहन पहुंची थी, जहां मौके पर पहुंची पुलिस के द्वारा निर्माण कार्य को बंद करवाया गया, लेकिन अभी तक जवाबदेही तय नहीं हो पाई है। मिली जानकारी अनुसार बुड़रूखी गांव निवासी नोखेलाल व सुक्खू बनवासी के कुछ हिस्सा व शासकीय भूमि का बड़ा हिस्सा में अनावेदक करण सिंह राठौड़ के द्वारा बल पूर्वक पक्की मकान का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। मामले की शिकायत के बाद पिछले दिनों विभागीय अमला मौके पर जांच करने पहुंचा, जहां अनावेदक करण राठौड़ के द्वारा गाली-गलौज करते हुए जांच को प्रभावित करने की कोशिश भी की गई थी। मौके में आरआई व पटवारी के द्वारा पिछले दिनों जांच करने के बाद तहसील न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य संबंधी स्थगन आदेश जारी किए गए थे। जहां भू-माफिया करण राठौड़ के द्वारा आधी रात जेसीबी लगाकर कब्जे को हटवा दिया और अब उसी जमीन में धड़ल्ले से पक्की मकान का निर्माण कार्य करवा रहा है। शिकायत के बाद भी मकान का निर्माण कार्य रूकवाने संबंधी विभागीय अधिकारियों ने स्थगन आदेश जारी किए थे, बावजूद निर्माण कार्य को धड़ल्ले से करवाया जा रहा है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
तहसील न्यायालयीन आदेशों को खुली चुनौती
गौरतलब है कि विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद निर्माण कार्य रूकवाने संबंधी स्थगन आदेश जारी किए गए थे, जबकि अनावेदक व ठेकेदार के द्वारा लगातार निरंतर तेज गती से मकान का निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं। मामले को लेकर कार्यवाही न होने से परेशान पीड़ितों के द्वारा पिछले दिनों विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओमकार सिंह मरकाम के निज निवास में मुलाकात कर विधायक को समस्या बताई थी। विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने पीड़ितों को हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिलाते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करवाने की कही गई थी। जानकारी अनुसार उक्त आबादी भूमि में वर्षों से आदिवासी का कब्जा है, जहां पिछले कई वर्षों से पीड़ित अपने कब्जे में रखकर उपयोग कर रहा था। लेकिन कुछ दिन पहले रात में जेसीबी मशीन से कब्जा हटाकर अब अनावेदक बल पूर्वक जबरन पक्की मकान का निर्माण कार्य धड़ल्ले से करवा रहा है। स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण कार्य रूकवाने विभागीय अमला कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं।



