मेडिकल अस्पताल में मरीज को ब्लड उपलब्ध कराने, 5 हजार रुपए की डिमांड करने वाले दलाल को पकड़कर किया गढ़ा पुलिस के हवाले

जबलपुर दर्पण नप्र/राजेंद्र सिंह की रिपोर्ट। जबलपुर मेडिकल अस्पताल में जिले व अन्य जिलों के मरीज अपना बेहतर इलाज कराने मेडिकल अस्पताल आते है। जैसे ही मरीज भर्ती होता है। उनके परिजन मेडिकल परिसर में घात लगाए बैठे इन दलालों के चक्कर में फस जाते है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बरेला निवासी 65 वर्षीय द्रोपती बाई चक्रवती की तबियत खराब होने पर उनके परिजन योगेश चक्रवती पिता जन्नू लाल चक्रवती ने वार्ड न 16 में भर्ती कराया डाक्टर द्वारा मरीज को बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए ब्लड लगाने की बात कही। मरीज के परिजन इधर उधर ब्लड के लिए भाग दौड़ करते रहे तभी लम्बे समय से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ब्लड की कालाबाजारी करने वाले छन्नू लाल रजक पिता चुन्नी लाल रजक उम्र 65 वर्ष निवासी डाक्टर कालोनी जबलपुर की पीड़ित परिजन पर नजर पड़ी तभी दोनों के बीच में 5 हजार रुपए में ब्लड दिलाने का सौदा तय हो गया मरीज के परिजन द्वारा 5 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुरक्षा में लगे चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर को सारी बात बताई, तत्काल सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने पैसे देते आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर मेडिकल चिकित्सा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जिसके बाद आरोपी को गढ़ा पुलिस के हवाले कर दिया गया। जब किसी मरीज की जान बचाने रक्त की आवश्यकता होती है तब एक एक बूँद रक्त की कीमत मालूम पड़ती हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हमेशा ब्लड उपलब्ध रहता है। ब्लड बैंक में ब्लड डोनेड करने वाले निस्वार्थ भाव से लोगों के जीवन बचाने अपना रक्तदान करते है। पीड़ित व्यक्ति के परिजनों ने जिलाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे लोगों के ऊपर सक्त से सक्त कार्यवाही की जाये। जिससे अन्य किसी के साथ इस प्रकार की घटना न हो
एक अन्य मामले में वार्ड न 20 में भर्ती मरीज संगीता का मोबाइल चोरी कर भागने वाले चोर को सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने रंगे हांथ पकड़कर गढ़ा पुलिस के हवाले कर दिया। इन दोनों घटनाओं के आरोपों को रंगे हाथ पकड़ने में मुख्य भूमिका रही सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों विकास नायडू,पंकज गोस्वामी,दीपक पांडे,पंकज




