साढ़े 22 लाख के गबन के आरोपी समिति प्रबंधक की जमानत खारिज

खाद्यान्न और खाद और कर्ज वसूली में घोटाले करने का है आरोप
दमोह। सहकारी समिति में समिति प्रबंधक के पद पर रहते हुए कर्ज वसूली की राशि स्वयं के उपयोग में लेने, खाद घोटाला एवं खाद्यान्न की कालाबाजारी करने संबंधी विभिन्न आरोप के आरोपी की जमानत विशेष न्यायाधीश आर एस शर्मा ने अपराध की गंभीरता के कारण निरस्त कर दी। कोरोना संक्रमण के कारण हाईकोर्ट के आदेशानुसार मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। विशेष लोक अभियोजक राजीव बद्री सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपी कमलापत पटेल निवासी पथरिया जो कि सहकारी शाख समिति घाना मैली में समिति प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। जिनने 13 कर्जदारो से विभिन्न दिनांकों पर कर्ज वसूली की। राशि तीन लाख अट्ठाइस हज़ार रुपये समिति के खाते में जमा न कर स्वयं के उपयोग में लिया। खाद्यान्न की कालाबाजारी एवं खाद घोटाला कर लगभग साढ़े वाइस लाख रुपए का गबन किया। कार्यपालन अधिकारी के आदेश पर समिति प्रबंधक जबेरा सुभाष शर्मा ने थाना जबेरा में आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 420, 467, 468 भादवि का मामला पंजीबद्ध किया। आरोपी की ओर से जमानत मांगते हुए तर्क किया कि उसके द्वारा कोई गवन नहीं किया गया है बल्कि उसके सहायक शीतल राय ने गबन किया है। जिसके संबंध में उसने शिकायती आवेदन भी दिया है। साथ ही वह बीमार है उसकी हार्ट की बाईपास सर्जरी भी होना है इसलिए जमानत दी जाए। वहीं शासकीय अभिभाषक ने जमानत दिए जाने का विरोध किया। न्यायालय द्वारा आरोपी की विभागीय जांच पश्चात लिखाई गई। रिपोर्ट को प्रथम दृष्टया सत्य मानते हुए अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत खारिज कर दी।



