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किसान सम्मान निधि में हुए व्यापक भ्रष्टाचार की कब होगी जांच

डिंडौरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले में फर्जी किसानों के नाम पर दलालों के द्वारा दस्तावेज तैयार किए गए, इसी आधार पर बैंक खाता सगे संबंधी के लगाकर हर साल शासन को करोड़ों का घाटा पहुंचाया जा रहा है। गौरतलब है कि दलालों के जरिए फर्जीवाड़ा करके धांधली करने का खेल लंबे समय तक जिले में किया गया, जिससे आज भी सैकड़ों अपात्र लोगों को भी किसान सम्मान निधि योजना से लाभ मिल रहा है। जानकारी अनुसार किसानो के हितार्थ केन्द्र सरकार के द्वारा 1 दिसम्बर 2018 को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया गया है। जहां आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महात्वाकांक्षी किसान सम्मान निधि योजना को डिंडौरी जिले में जिम्मेदार अधिकारियो के द्वारा फर्जीवाड़ा करते बडे़ पैमाने पर अपात्र किसानों के नाम जोड़ कर हर साल शासन-प्रशासन को करोड़ों रुपए का पलीता लगाया जा रहा है। योजना के अनुसार पंजीकृत किसानों को केन्द्र सरकार के द्वारा तीन किस्तो में दो-दो हजार की दर से प्रतिवर्ष 6000 हजार रूपए अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। बताया गया कि इसके अलावा मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के द्वारा अतिरिक्त 4000 हजार रूपए अतिरिक्त राशि दिये जाने की घोषणा किया गया है। पीएम के महात्वाकांक्षी योजना पर लंबे समय से बिचोलियों की काग दृष्टि लगी हुई है। बताया गया कि राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो के भूमिहीन किसानों के नाम योजना में दर्ज कर लाभ दिया जा रहा है। इस तरह की मामलों की बात करें तो जिले में एक दो नही बल्कि सैकड़ों की संख्या में अपात्र भूमिहीन किसान लाभ ले रहे है। आरोप लगाया गया कि जिनके नाम पर भूमि है ऐसे कई किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। योजना के लाभ से वंचित पात्र किसानों की जिले में भारी तदात है, जो कि लाभ लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहैं है।

चांदरानी व भाजी टोला हल्का हैं हुआ जमकर धांधली :-  बताया गया कि फर्जी तौर पर सम्मान निधि योजना में लाभ दिलाने के लिए समनापुर जनपद के चांदरानी व भाजी टोला गांव के कुछ नामजद दलाल सक्रिय रहे, जो मोटी कमीशन लेकर पहले तो फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, फिर उनके नाम पर सम्मान निधि योजना में लाभ देने मिलीभगत करके पात्र बता दिया गया। बताया गया कि राशि वसूल करने जिले भर में कथित दलाल सक्रिय रहे, जो किसान सम्मान निधि योजना में लाभ दिलाने का दावा कर रहे थे। गौरतलब है कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर जिले भर में बिचोलियां सक्रिय है, जिनके द्वारा भूमिहीन एवं अपात्र किसानों को गॉरटी के साथ लाभ दिलाने के नाम पर 2000 हजार रूपए से लेकर 3000 हजार रूपए तक लिया जा रहा है। सूत्रो की मानें तो फर्जीवाड़े की इस खेल में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नही किया जा सकता है। नाम न छापने की शर्त पर बताया गया कि जिले भर में बिचौलियों के द्वारा यहां तक दावा किया जाता हैं कि परिवार के सभी सदस्यो को भी योजना का लाभ दिलवाने देंगे। आरोप है कि हितग्राही से 2000 हजार रूपए वसूल किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि दलालों को 2000 हजार रूपए देने के एक दिन बाद ही उनका नाम योजना में जुड़ जाएगा। दलालों के द्वारा हितग्राहियों के नाम पर निवास पंचायत से हटाकर जिले के दूर -दराज के पंचायतों में दर्ज करते हुए रकबा एवं खसरा नंबर भी दर्ज किया जा रहा है। आरोप के अनुसार मिलीभगत करके किसान बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिससे हर साल शासन-प्रशासन को करोड़ों का नुकसान भी हो रहा है।

सैकड़ों पात्र किसानों को नहीं मिल पा रहा लाभ, कार्यालयों के काट रहे चक्कर :-  एक तरफ जहां जिले भर में कई फर्जी किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है, जबकि वहीं दूसरी ओर वास्तविक सैकड़ों किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के द्वारा किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानो के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र किसानों के पहचान के लिए कट आफ डेट 01 फरवरी 2019 निष्चित की गई है। जारी नियमों के मुताबिक उपरोक्त दिनांक तक स्थित भू अधिकारों को ही अधिकार मानकर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता दी जावेगी। दिशा निर्देश में योजना में अन्य संसोधन के लिए केन्द्रीय केबिनेट में निर्णय लेने का जिक्र किया है। किन्तु डिंडौरी जिले के जिम्मेदार अधिकार केन्द्र सरकार के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी पूर्वक योजना का कियान्वयन करवा रहें हैं। फर्जी दस्तावेज से किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलने से शासन प्रशासन को हर साल करोड़ों रुपए का घाटा हो रहा है। बताया गया कि फर्जी किसानों की वजह से पात्र किसानों पर भी असर दिखाई दे रहा है। लोगों ने विभागीय जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की जा रही है, ताकि हर साल राजस्व को हो रहे करोड़ों की नुकसान को बचया जा सके।

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