दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 का दुरुपयोग कर रहे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट

जबलपुर दर्पण। म. प्र. उच्च न्यायालय के अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने विज्ञप्ति के माध्यम से आरोपित किया कि जबलपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत कार्यपालिक अधिकारी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 का दुरुपयोग कर धारा 151 के अंतर्गत गिरफ्तार व्यक्ति को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। अधिकारियों को इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के प्रति भी किंचित सम्मान नहीं हैं।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 में एक स्वयं में कोई अपराध नहीं है और यह केवल समाधान होने पर संज्ञेय अपराध करने से रोकने के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है। ऐसे व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक गिरफ्तार नहीं रखा जा सकता है जब तक कि 24 घंटे की समाप्ति के पूर्व यह नहीं पाया जाता कि किसी अन्य विधि के अंतर्गत उसकी गिरफ्तारी जरूरी है। किन्तु मात्र 151 में नागरिकों को 24 घंटे से अधिक हिरासत में रख जेल भेजा रहा है। “
न वकील न दलील की तर्ज पर निर्दोष नागरिकों को जेल भेजा रहा है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि तहसीलदार रांझी की इसी प्रकार की कार्यप्रणाली के विरोध में अधिवक्ता अरविन्द मिश्रा को तहसील न्यायालय के समक्ष धरने में बैठना पड़ा। श्री त्रिवेदी ने कहा कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें अन्यथ उनके द्वारा 151 में बेवजह जेल भेजे गए प्रकरणों को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को प्रेषित किया जावेगा ।



