आदि शंकराचार्य का एकात्मवाद ही लायेगा विश्व मे शांति

जबलपुर दर्पण। मानव जाति की सभी समस्याओ और दुखो का निदान आदि शंकराचार्य के ब्रम्ह वाक्यो मे है। पग भ्रमण कर देश को जागृत कर एक सूत्र मे बांधने का कार्य शंकराचार्य ने किया। ऊर्जा और संचार प्राप्त करने के लिए अव्दैत का अध्ययन करना चाहिए। विश्व मे आतंकवाद का शांतिपूर्ण हल एकात्म वाद के ज्ञान के बिना अंसभव है। पूरे विश्व को अदैत का बोध कराना चाहिए। पुरातन काल से विश्व गुरू भारत ही संसार को एकता और शांति का संदेश देकर वर्तमान की सभी समस्याओ का हल निकालेगा।
प्राकृतिक सौंदर्य और नदियो के दैविक स्वरूप को शंकराचार्य की लेखनी से प्राप्त हुआ। मानव को अपने स्वंय से परिचित कराने के लिए शंकराचार्य के वैदिक ग्रंथो का चितंन मनन करना चाहिए। अदैत और वेदांत के श्लोक ब्रम्ह के अंश है। अदि शंकराचार्य ने पूरे विश्व को एकात्म भाव का संदेश दिया। उक्त ओजपूर्ण और श्रृध्दा के भावात्मक संदेश महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज
गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री म प्रशासन, डा जितेंद्र जामदार राज्यमंत्री, उपाध्यक्ष म प्र जन अभियान परिषद, डा राजीव शर्मा मुख्य वक्ता,विचारक, संभागायुक्त शहडोल, डा एस पी तिवारी कुलपति नाना देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय ने एकात्म पर्व ” आचार्य शंकर -जीवन व दर्शन ” व्याख्यान माला , म प्र जन अभियान परिषद संभाग के तत्वावधान मे नाना जी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के ओडिटोरियम मे अदि शंकराचार्य जयंती के अवसर पर आयोजित व्याख्यान माला मे कहे। उदय परांजपे, डा राधिका प्रसाद,
रवि बर्मन, प्रदीप तिवारी, डा आर के शर्मा, शिव नारायण पटेल, जुगराज धर दिवेदी, अदित्य मिश्रा, योगेन्द्र दुबे,संदीप जैन, डा दिलीप सिंह हजारी,संजय दुल्हानी, अजय बधेल, विध्येश भापकर, अभिषेक श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन डा दिलीप सिंह हजारी ने किया।



