महीने भर पहले मशीनों से खुदवाया परकुलेशन टैंक,अब डाला 29 मजदूरों का मस्टरोल, पंचायत में मजदूरों का काम मशीनों से करवाकर हड़पी मजदूरी

जबलपुर दर्पण जबेरा संवादाता। जनपद पंचायत जबेरा की ग्राम पंचायत कटगी के गांव अर्थखेडा मे मनरेगा कार्य जिसमें एक महीना पहले मनरेगा कार्य मशीनों से निपटा लिए जाते हैं फिर धीरे धीरे मस्टरोल डालकर मजदूरों की मजदूरी हड़पने का खेल ग्राम पंचायतों में शुरू हो जाता है। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत कटगी के गांव अर्थखेडा का जहां एक महीना पहले मनरेगा योजना तहत परर्कुलेशन टैंक निर्माण जेसीबी मशीन करवाने के एक महीना बाद मजदूरों से परकुलेशन निर्माण का फर्जी मस्टरोल जारी करके अपने चेहतों के खातों में राशि डालकर निकाली गई। रिपोर्टर द्वारा बकायदा सबूत के तौर पर जीपीएस सिस्टम वाले कैमरे से ली गई फुटेज वीडियो सुरक्षित है। वावजूद इसके मस्टररोल क्रमांक नंबर 3295 पर्कुलेशन टैंक निर्माण कार्य 29 मजदूरों के नाम मस्टर डाला गया है। जवकि मशीनों से परकुलेशन टैंक निर्माण के स्पस्ट निशान जेसीबी के पंजे से खुदाई के निशान मोके स्थल पर आज भी दिखाई दे रहे है मनरेगा के कार्य मशीनों से करवाने की बात रोजगार सहायक ग्राम पंचायत कटगी राजकुमार अहिवार से की गई तो उनका जवाब था की ग्राम पंचायत में कोई निर्माण कार्य नहीं हुए है। इस पूरे गड़बड़झाला से अपना पल्ला झाड़ लिया गया लेकिन परकुलेशन टैंक निर्माण में 29 मजदूरों के नाम मज़दूरी डाली गई है अब सवाल उठता है कि जब कार्य चालू नही तो 29 मजदूरों की मजदूरी डालने का पूरा गड़बड़झाला जांच का विषय है वहीं जिला पंचायत सीईओ अजय श्रीवास्तव से ग्रामीणों के द्वारा एक महीने पहले मशीनों परकुलेशन निर्माण की बस्तुस्तुति से ग्रामीणों के द्वारा अवगत करवाया गया था और सीईओ ने जांच करवाकर ग्रामीणों को कार्यवाही का आश्वासन भी दिया था लेकिन जब कोई कार्यवाही नही हुए और मशीनों से करवाए मनरेगा के कार्य पर मास्टर जारी कर दिए गए जिसकी शिकायत पर ग्रामीणों के द्वारा वार वार जिला पंचायत सीईओ को फोन लगाया गया लेकिन उनके द्वारा रिसीव नहीं किया गया ग्रामीणों की मांग है इस घोटाले की प्रशासन जांच कराए और जो भी दोषी पाए जाते है उन पर कार्यवाही करे।




