डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

लॉकडाउन के बाद अब खोला गया पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का ताला

महाशिवरात्रि पर्व पर पहुंचते हैं हजारों की संख्या में सैलानी

मुख्य द्वार में ताला लगा होने के चलते दर्शन नहीं कर पा रहे थे श्रद्धालु

नंदकिशोर ठाकुर,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर कुकर्रामठ गांव में स्थित ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में देश में लॉकडाउन के बाद से ही मुख्य द्वार में ताला लगा दिया गया था, प्रवेश निषेध का सूचना भी बाहरी गेट पर चस्पा कर दिया गया था, जिससे ज्यादातर सैलानी मंदिर नहीं पहुंच रहे थे।अब लॉकडाउन के लगभग 1 साल बीतने के बाद ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का ताला खोला गया है, जिससे आज महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे सैलानी सहित आसपास के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। मान्यता है कि मंदिर में विधि विधान से पूजा पाठ करने पर मनोकामना पूर्ण होती है एवं व्यक्ति को ऋणों से मुक्ति मिलती है। आज महाशिवरात्रि के मौके पर भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर विधि विधान से पूजा पाठ कर मन्नते मांगने।

  • सार्वजनिक राम कीर्तन का होगा समापन।

बताया गया कि ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के पावन स्थल पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा राम कीर्तन का आयोजन भी कराया जा रहा है,जिसका समापन आज महाशिवरात्रि के मौके पर हवन पूजन के बाद किया जाएगा, समापन के बाद भंडारे का आयोजन भी आयोजकों द्वारा कराया गया है, आयोजन समिति द्वारा ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को पहुंच कर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है। स्थानीय जानकर बताते हैं कि मंदिर का अस्तित्व एक बंजारे और श्वान से जुड़ा हुआ है, बताया जाता है श्वान की याद में बंजारे ने मंदिर का निर्माण करवाया था। जहां दूर-दूर से लोग पहुंच कर विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं, दूध ,चावल ,शहद, शक्कर ,भांग इत्यादि चढ़ाने पर घरों में सुख समृद्धि का वास होता है और मनोकामना पूर्ण होती है।आज महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में जिले भर से लोग पहुंच कर पूजा पाठ करेंगे।

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